चित्रकूट के पूर्व एसपी अंकित मित्तल। इनके खिलाफ फर्जी मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज करने का हुआ है आदे?
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चित्रकूट। इसी साल 31 मार्च को डकैत गौरी गिरोह के सदस्य भालचंद्र को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। उसकी पत्नी ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाते हुए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। अपर सत्र न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने मुठभेड़ में शामिल तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल व एसटीएफ और स्वाट टीम के सदस्यों समेत 14 नामजद तथा तीन-चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने बताया कि सतना जिले के नयागांव क्षेत्र के पड़वनियां गांव निवासी नथुनिया पत्नी भालचंद्र यादव ने अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश डीडी एक्ट) की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र में बताया था कि नथुनिया का पति भालचंद्र 31 मार्च 2021 को अपने भाई लालचंद्र के साथ सतना न्यायालय में पेशी पर गया था।
लौटते समय सतना जिले के कोठी कस्बा के पास एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने ओवरटेक कर दोनों को बाइक से गिरा दिया। इसके बाद एसटीएफ के जवान मारपीट कर भालचंद्र को गाड़ी में डालकर ले गए। भाई लालचंद्र को एसटीएफ का एक जवान चित्रकूट की ओर ले गया। उसी दिन शाम को लगभग सात बजे सूचना मिली कि चित्रकूट के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल के निर्देश पर गौरी गैंग के साथ हुई मुठभेड़ में यूपी एसटीएफ, जनपद चित्रकूट की स्वाट टीम, बहिलपुरवा व मारकुंडी थाने की पुलिस ने उसे मार गिराया।
भालचंद्र के शव पर बेरहमी से पीटे जाने के निशान थे। साथ ही गोली भी नंगे बदन मारी गई थी, क्योंकि उसकी शर्ट पर गोली लगने के निशान नहीं थे। अपर सत्र न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने बहिलपुरवा थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने को कहा है। साथ ही प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रतिलिपि दो दिन के अंदर न्यायालय में उपलब्ध कराने को कहा है।