फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से घरों से निकलना मुश्किल ,कई फसलों को हो सकता नुकसान

विज्ञापन
धान बेचने के इंतजार में घर से रजाई आदि का इंतजाम कर बैठा किसान। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
विज्ञापन
चित्रकूट। जिले में तीन दिन से हो रही बारिश आफत बनी हुई है। जिससे घरों से निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि तीसरे दिन दोपहर को मात्र बूंदाबांदी होने से कुछ राहत जरूर मिली। बारिश होने से सड़कों की हालत ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हो गई है। बारिश होने से सरसों के फूल झड़ने से नुकसान की संभावना अधिक है। चना व मसूर को भी नुकसान है। हालांकि गेहूं के लिए यह बारिश अमृृत मानी जा रही है।
विज्ञापन

लगातार तीन दिन से हुई बारिश ने सब कुछ अस्त व्यस्त कर दिया। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने से सर्दी बढ़ गई। शनिवार को हल्की हल्की बारिश होती रही। जिससे घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दिन भर सर्द हवाएं चलती रहीं। किसानों का कहना कि कि जिन फसलों में फूल लग गए हैं। इसके अलावा जगह- जगह जलभराव होने से लोग परेशान है।
तीन दिन में कुल बारिश 61 एमएम हुई है। उन्हें 15 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। बारिश के कारण बिजली की आपूर्ति अभी भी लड़खड़ाई हुई है। जिसमें बार बार ट्रिपिंग होती है। मानिकपुर क्षेत्र के पाठा क्षेत्र के गांवों सहित पहाड़ी, मानिकपुर, आदि क्षेत्रों के गांवों में बिजली की समस्या है। मजदूरों को भी काम नहीं मिल रहा है। बारिश होने से सर्वाधिक दिक्कतें गोशालाओं में देखने को मिल रही है। ज्यादातर गोशालाओं में टिन शेड होने के बाद भी परिसरों में कीचड़ होने व जलभराव होने से मवेशी परेशान है।
विज्ञापन

तीसरे दिन भी किसानों की नहीं हुई धान खरीद
चित्रकूट। तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण तीसरे दिन किसानों का धान केंद्रों में नहीं खरीदा जा सका। जिससे किसान परेशान रहे। बारिश से बचाने के लिए धान को पन्नी से ढके रहे। कई किसान खुद अलाव की व्यवस्था कर आग तापते रहे। जिले में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में धान खरीद केेंद्र खुले हुए हैं। जहां इस समय देखा जा रहा है कि जहां किसान धान बेचने के लिए सात से आठ दिन से पडे़ हुए है। तीन दिन से बारिश होने से हालत यह है कि किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है। कर्वी गल्लामंडी धान केंद्र में धान बेचने आये सपहा गांव के किसान राजेश्वर सिंह, खोह गांव के अरुण कुमार, कसहाई गांव के किसान मोहन लाल ने बताया कि बारिश होने से तीन दिनों से धान नहीं खरीदा गया है। जबकि धान बेचने के लिए पंजीयन करने का कार्य शनिवार को किया गया है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में खुले धान केंद्रों में है। जबकि इस मामले में जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण धान की खरीद नहीं हो पा रही है। शनिवार को कुछ केंद्रों में दोपहर बाद धान की खरीद की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें