ग्रामोदय महोत्सव में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देतीं छात्राएं। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय में महोत्सव के चौथे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। एकल व समूह नृत्य प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।
जिले की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के नया गांव अंतर्गत महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय में ग्रामोदय महोत्सव हो रहा है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के अलग-अलग संकाय के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य व एकल नृत्य प्रस्तुत किया। लोकगीत व नाटक भी प्रस्तुत किए गए। खेलकूद की प्रतियोगिताएं भी हुईं।
कबड्डी व वॉलीबाल के साथ क्रिकेट मैच भी कराया गया। ग्रामोदय परिकल्पना को लेकर गोष्ठी की गई। पूर्र्व कुलपति प्रो. अरुण दिवाकर ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना आत्मनिर्भर भारत परिकल्पना पर आधारित है। स्वयं का व्यवसाय करने के लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
पूर्व कुलपति प्रो. ज्ञानेंद्र सिंह ने कृषि व पशुपालन संबंधी उत्पादों की जानकारी दी। पूर्व कुलपति प्रो. एनसी गौतम ने कहा कि सीमित संसाधनों में योजनाओं को पूरा करने की जानकारी दी। इस मौके पर सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के निदेशक डॉ. वी के जैन, आईटीएम विश्वविद्यालय बड़ौदा के कुलपति प्रो. योगेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
ग्रामोदय महोत्सव में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देतीं छात्राएं। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT