चित्रकूट। साढ़े पांच लाख के इनामी डाकू गौरी यादव के मारे जाने बाद गैंग के बचे बदमाशों पर शिंकजा कसने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है, ताकि कहीं बचे सदस्य नया गैंग न बना सकें। गैंग के कुख्यात बदमाश चिह्नित किये जा रहे हैं।
गौरी यादव के खात्मे के बाद गैंग के बदमाशों की उलटी गिनती शुरू हो गई है। बचे सदस्यों को हर हाल मेें पकड़कर जेल भेजने के लिए पुलिस शिकंजा कस रही है। मुखबिरों से पता लगा रही है कि गैंग के साथ कौन कौन से प्रमुख बदमाश थे, जो वारदात में शामिल रहते थे। ऐसे बदमाशों का चिह्नित किया जा रहा है। डाकू गौरी के पास से बरामद डायरी व मोबाइल से नंबर व बातचीत का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि दोषी को नहीं छोड़ेंगे और निर्दोष का कतई उत्पीड़न नहीं होने देंगे। गैंग के बचे बदमाशों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। किसी को भी नया गैंग बनाने के पहले खत्म करेंगे।
चित्रकूट। गौरी के खात्मे उन लोगों ने खुशियां मनाई, जो कभी उसके उत्पीड़न का शिकार हुए थे। इन लोगों ने घरों में दीये जलाये। कुछ घरों में पटाखे भी दागे गये।
गौरी यादव ने बिलहरी क्षेत्र में वसूली का अड्डा बना रखा था। वह विकास कार्य कराने वाले ठेकेदारों के साथ ग्रामीणों से भी वसूली करता था। इतना ही नहीं उनके साथ मारपीट करता था। बदमाशों की दहशत के कारण गांव तक छोड़ना पड़ता था। गैंग भय दिखाकर कई गांवों में अपने समर्थकों को प्रधान बना दिया करता था। उसके मारे जाने के बाद बिलहरी, छीतूपुर, सपहा, सहित कई गांवों में खुशियां मनाई गईं।