चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विदुषी मेहा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल परिसर में बंदियों के बीच विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । बताया कि अभियोजन एवं पीड़ित पक्ष आपसी सामंजस्य से आपराधिक प्रकरण से निबटने के लिए न्यायालय के अनुमोदन से रास्ता निकालते हैं।
जेल में निरुद्ध बंदियों से अधिवक्ता उपलब्ध होने की भी जानकारी ली। सचिव ने बंदियों को बताया गया कि यदि उनके पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं तो जेल अधीक्षक के माध्यम से प्रार्थना पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके माध्यम से उन्हें अधिवक्ता प्राप्त प्रदान किया जाता है। इस मौके पर उप कारा पाल अरविंद कुमार, विधिक सेवा से उपेंद्र कुमार तिवारी भी मौजूद रहे।