चित्रकूट। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सरकार की विशेष पहल के तहत मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन जिला अस्पताल सहित तीन स्वास्थ्य इकाइयों में किया गया। इसमें उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली चार महिलाएं चिह्नित की गईं। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्रों में आई एक सैकड़ा से अधिक गर्भवती महिलाओं को विशेष जांच के बाद परामर्श दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि कई कारणों से जोखिम गर्भावस्था मातृ-शिशु की मृत्यु की वजह बनती हैं। प्रसव पूर्व छोटी बड़ी कई कमियों का सामने नहीं आ पाना इसकी प्रमुख वजह है। गर्भवती को उच्च रक्तचाप, गंभीर रक्ताल्पता, मधुमेह, दिल की बीमारी, क्षय रोग, मलेरिया आदि की स्थिति में जोखिम बना रहता है। ऐसी महिलाओं को प्रसव पूर्व ही चिह्नित कर उन्हें सरकारी अस्पतालों में बेहतर परामर्श और उपचार दिया जा रहा है।
कर्वी ब्लॉक के दरियावपुरवा से जिला अस्पताल में आई 23 वर्षीय संजना देवी ने बताया कि पहला बच्चा है। उन्हें निशुल्क जांच के साथ उपचार और परामर्श दिया गया है।