खोही । सावन के आखिरी दिन पूर्णिमा पर धर्मनगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिन्होंने रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी में स्नान कर मत्स्यगजेंद नाथ मंदिर में भगवान शिव को जलाभिषेक किया। कामदगिरी की परिक्रमा लगाया। श्रद्धालुओं ने भादौं माह का भगवान कामदनाथ की परिक्रमा कर स्वागत किया।
सावन के आखिरी दिन पूर्णिमा को भगवान शिव के भक्तों का मेला धर्मनगरी में देखने को मिला। तड़के मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाया। इसके बाद रामघाट स्थित मत्स्यगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। भगवान कामतानाथ के दर्शन कर पंचकोसीय परिक्रमा लगाया। धर्मनगरी क्षेत्र के जानकीकुंड, सती अनुसुइया, गुप्त गोदावरी आदि तीर्थ स्थानों के दर्शन किया। वही जिले के भरतकूप क्षेत्र के मड़पा के शिवमंदिर, पहाड़ी के पालेश्वरनाथ, व मऊ के ऋषियन के मंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा पाठ किया।
खोही। रक्षाबंधन पर्व में बाल शिक्षा निशुल्क संस्थान ने खुटहा गांव में कजली महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से मनाया। जिसमें युवतियोें व महिलाओं ने गाजे बाजे के साथ कजली को विर्सजन करने के लिए निकली।कार्यक्रम में महिलाओं को सम्मानित किया गया। वही अन्य स्थानों पर भी कजली महोत्सव कार्यक्रम बनाया गया।
रक्षाबंधन पर्व में कजली महोत्सव बनाने की परंपरा सालों से चली आ रही है। जिसको देखते हुए बाल शिक्षा निशुल्क संस्थन खुटहा ने कजली महोत्सव कार्यक्रम किया। समिति के प्रबंधक हरवंश गर्ग ने महिलाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष राजकरण पटेल, महेश, अशोक, जुगुल, सतीश आदि मौजूद रहे। वही जिले के मानिकपुर, राजापुर, मऊ, भरतकूप आदि क्षेत्र के गांवों में भी कजली महोत्सव मनाया।