चित्रकूट। तेल व्यापारी के जुड़वां बच्चों के अपहरण और हत्या मामले में सुनाई गई सजा को नकाफी बताते हुए बुंदेली सेना ने सभी आरोपियों के लिए फांसी की मांग की है।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि परिवार ने लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन आरोपियों को मौत की सजा मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। घटना जघन्य थी। लिहाजा सजा भी नजीर बननी चाहिए। परिजनों से लेकर आमजन के सीने में धधक रही आग तभी शांत होगी जब सभी आरोपी फांसी पर झूलेंगे। सतना की एडी कोर्ट ने सोमवार को जुड़वां मासूमों के अपहरण और हत्या मामले में सजा सुनाई है। जिसमें तीन आरोपियों को दोहर उम्रकैद व दो को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वारदात के मुख्य आरोपी ने पहले ही जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बच्चों के अपहरण और हत्या मामले की सीबीआई जांच होती तो कई सफेदपोश भी बेनकाब हो जाते। परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे जो आज भी अधूरी है। अभी भी वह हाईकोर्ट में फांसी की सजा मिलने तक लड़ाई लड़ने की योजना हैं।
पड़ोसी बोले, फांसी तक करेंगे मदद
खोही (चित्रकूट)। रामघाट के तेल उद्यमी ब्रजेश रावत के जुड़वा बेटाें प्रियांश व श्रेयांश की फिरौती के लिए अपहरण कर हत्या करने के मामले में अपराधियों को सजा मिलने के बाद व्यापारी के घर पड़ोसी पहुंचकर सांत्वना दी। कहाकि हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने तक दम नहीं लेंगे। (संवाद)