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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की हुंकार

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Criticism of farmers against agricultural laws - फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। कृषि कानून के विरोध में किसानों ने जगह-जगह धरना प्रदर्शन किया। भाकपा और मक पा ने किसानों का समर्थन किया। कई किसान नेताओं को घर में ही नजर बंद किया गया। पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसी स्थान पर जाम नहीं लगा। बाजार भी खुले रहे। भाकियू ने कृषि कानून वापस होने तक विरोध जारी रखने की हुंकार भरी।
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सोमवार को किसानों के भारतबंद, प्रदर्शन व हाईवे जाम की संभावना के चलते पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। किसानों को प्रदर्शन स्थल पर जाने के लिए गांवों में ही रोका गया। कुछ स्थानों पर बाइक से निकले किसानों से पुलिस कर्मियों की नोंकझोंक हुई। पहाड़ी कस्बा के प्रसिद्धपुर गांव में धरना व प्रदर्शन किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को छलने का कार्य किया है। वही कर्वी तहसील के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होगा तबतक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर किसान नेता नरेश, जयनारायण, राजकिशोर, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
भाकपा व माकपा ने किया विरोध
किसान सभा ने शहर के कचहरी परिसर स्थित कार्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रुद्ध प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में धरना दिया। कृषि कानून का विरोध जताया। भाकपा व माकपा के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। जो विभिन्न गलियों से होते हुए तहसील परिसर में पहुंचा। भाकपा के जिला सचिव अमित यादव ने कहा कि कृषि कानून के नाम पर किसानों का शोषण किया जाएगा। पूर्व विधायक रामप्रसाद ने कहा यह सभी किसान जागृत होकर कार्य करे। जिससे सरकार को एक न एक दिन झुकना पडे़गा। धरने के बाद उप जिलाधिकारी पूजा यादव को ज्ञापन सौंपा। इस मौके रविकरण, उदयभान, दादूराम यादव, राजेंद्र कुमार, रणधीर, सुमित कुमार, सुनीता, बेलिया, लक्ष्मीनिया, शाहदरा, मालती, कलावती, किसान व महिला कार्यकर्ता भी शामिल रहे।

Criticism of farmers against agricultural laws- फोटो : CHITRAKOOT

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