एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गये कुख्यात डाकू गौरी यादव की मौत सीने में लगी गोली फंसी रहने से हुई। उसके शरीर में कुल चार गोलियां लगी जिसमें कुछ शरीर को पार कर गई थीं। शरीर में कुछ जगह चोट के निशान भी मिले हैं।
बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के ददरी ग्राम पंचायत अंतर्गत माड़ो बांध के पास शनिवार को इनामी डाकू गौरी यादव उर्फ उदयभान ढेर हुआ था। शनिवार की देर शाम को पोस्टमार्टम के बाद उसका जिला मुख्यालय के मंदाकिनी नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया था।
रविवार को उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि उसके शरीर में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि डाकू गौरी के सिर व सीने में गोली लगी थी। यह गोलियां फंसी रही इससे ही मौत होने की बात डाक्टरों ने कही है।
वैसे उसके शरीर में कुल चार गोलियां लगी थीं। जानकारी के अनुसार डाकू गौरी के पैर व कमर के पास लगी गोली पार कर गई थी। उसके शरीर में कुछ स्थानों पर चोट के निशान थे। उधर, मृत डाकू के गांव में कहीं खुशी कहीं गम का नजारा रहा।