चित्रकूट में छात्रा के साथ दुष्कर्म व हत्या करने के मामले में दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला चार साल पुराना है।
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अभियोजन अधिकारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि 29 अक्तूबर 2017 को राजापुर क्षेत्र के एक ग्रामीण ने थाना राजापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री साइकिल से स्कूल गई थी, फिर वह घर नहीं आई। खोजबीन की तो पता चला कि गांव का राजा उर्फ राज बहादुर पुत्र दसुवा व उसका साथी पुत्री को बाइक में बैठा कर ले गए हैं।
शाम करीब तीन बजे उसे पुलिस द्वारा जानकारी हुई कि उसकी पुत्री का शव रैपुरा थाना क्षेत्र के लालापुर स्थित पहाड़ के एक पेड़ पर टंगा है। पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि राजा उर्फ राज बहादुर ने दुष्कर्म व हत्या की है। इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व बयान दर्ज कराने के बाद राजा को मुख्य दोषी ठहराया।
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बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) विनीत नारायण पांडेय ने दोषी राजबहादुर उर्फ राजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसमें एक हिस्सा प्रतिकर के रूप में पीड़िता के परिजनों को देय होगा। दोषी को दो मामलों में जज ने सजा सुनाई है। दोनों में एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड देय है।