फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रात्रि चौपाल: सीएम के सामने जनता ने अधिकारियों को कहा चोर, योगी ने लगाई फटकार

Tue, 24 Apr 2018 09:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
विज्ञापन
सभा को संबोधित करते सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रतापगढ़ जिले की पट्टी विधानसभा के कंधई मधुपुर गांव में सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चौपाल में दो घंटे तक हंगामा और नारेबाजी होती रही। भीड़ बेकाबू रही। सीएम ने जब विकास कार्यों के बारे में पूछा तो लोग अधिकारियों को चोर कहने लगे। 
विज्ञापन


गांव में शौचालय नहीं बनने पर मुख्यमंत्री ने मंच पर ही जिलाधिकारी, सीडीओ और डीपीआरओ को डांटना शुरू कर दिया। चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होगी। सीएम के तेवर देख अफसरों के पसीने छूट गए। 

सोमवार को सुबह 11.50 बजे पुलिस लाइन में उतरने के बाद मुख्यमंत्री विकास भवन में विकास कार्यों की समीक्षा, जिला अस्पताल का निरीक्षण और पट्टी के चंदौका में पीएमजीएसवाई सड़क की गुणवत्ता देखने के बाद शाम करीब सवा सात बजे कंधई मधुपुर गांव में चौपाल लगाने पहुंचे। 
विज्ञापन


सीएम को अपने बीच पाकर लोग नारेबाजी करने लगे। स्वागत कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माइक संभाला और मोदी सरकार के कामकाज गिनाने के बाद गांव में हुए विकास कार्यों का जायजा लेना शुरू कर दिया। एक-एक कर उन्होंने सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने भीड़ से पूछा कि क्या सभी के घरों में शौचालय बने हैं। 

गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करते सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
इस पर लोगों ने एक स्वर में ना में जवाब दिया। यह सुनने के बाद सीएम का मूड उखड़ गया। उन्होंने तुरंत डीएम शंभु कुमार, सीडीओ राजकमल और डीपीआरओ शशिकांत पांडेय को मंच पर बुला लिया और पूछताछ करने लगे। इस पर डीपीआरओ ने बताया कि गांव में पांच सौ शौचालय बने हैं। 

इस पर भीड़ फिर नारेबाजी करने लगी। गुस्साए सीएम ने तीनों अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि शेष लोगों के घरों में शौचालय क्यों नहीं बने। उन्होंने कहा कि इस मामले में सबकी जवाबदेही तय होगी। कहा सुबह तक सभी लाभार्थियों के खाते में शौचालय की धनराशि पहुंच जानी चाहिए।

राशनकार्ड के बारे में पूछने पर जिला पूर्ति अधिकारी गोलमाल जवाब देने लगे। राशनकार्डों के सत्यापन के बारे में भी वह जवाब नहीं दे सके। इस पर सीएम ने उन्हें फटकार लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। 

मुख्यमंत्री ने पीडी अरविंद सिंह से प्रधानमंत्री आवास योजना के एक-एक लाभार्थियों को नाम पढ़वाया। वह खुद भी सूची हाथ में लेकर सत्यापन करते रहे। इसी तरह पेंशन, हैंडपंप और पाइप लाइन के बारे में भी पूछने पर लोग हंगामा करते रहे। 
विज्ञापन

हर काम के लिए घूस लेने का आरोप 

चौपाल में सीएम के विकास कार्यों के बारे में पूछने पर लोगों ने अफसरों पर आरोपों की बौछार कर दी। आरोप लगाने लगे कि हर योजना में घूस लेने के बाद ही लाभ दिया जाता है। लोगों ने आवास, शौचालय और हैंडपंप के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाते रहे। सीएम पूछते रहे और ग्रामीण अफसरों पर आरोप लगाते रहे। ग्रामीणों के निशाने पर सबसे ज्यादा डीपीआरओ और पीडी रहे। 

भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं 
चौपाल के दौरान लोगों का आक्रोश देख अफसरों के प्रति सीएम के तेवर सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं में किसी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घूसखोर अफसरों को मुकदमा दर्ज कर न सिर्फ जेल भेजा जाएगा, बल्कि उनकी संपत्ति से रिकवरी भी की जाएगी। 

अफसरों से कहा, एक सप्ताह तक कैंप लगाकर दें योजनाओं का लाभ 
चौपाल के दौरान ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ न मिलने से नाराज सीएम ने अफसरों को गांव में मंगलवार से एक सप्ताह तक कैंप लगाने का आदेश दिया। कहा कि शिविर लगाकर लोगों को आवास, पेंशन, हैंडपंप, शौचालय, राशनकार्ड के साथ लोगों के जनधन के तहत खाते खुलवाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें