नौगढ़। आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि पर कब्जा कर बनाए जा रहे पक्के निर्माण को बुधवार को गिराने पहुंची वनविभाग की टीम को ग्रामीणों ने पुलिस व पीएसी बल के सामने घेर लिया। ग्रामीणों ने काफी देर तक वनविभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों व वनकर्मियों के बीच नोकझोंक व हाथापाई भी हुई। पुलिस की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार लालता प्रसाद ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। मामले में वन विभाग की तहरीर पर चकरघट्टा थाने में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
चकरघट्टा थाना क्षेत्र स्थित मझगाई रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र लालतापुर में वन विभाग की टीम जेसीबी के साथ पहुंची। टीम के निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू करते ही बस्ती के लोग लाठी, डंडा व कुल्हाड़ी लेकर विरोध करने लगे। उनका कहना था कि निर्माण गांव सभा की ओर से पट्टे पर दी गई जमीन पर किया जा रहा है। वहीं कुछ महिलाओं ने जेसीबी के आगे लेटना शुरू कर दिया। एक घंटे तक वनकर्मियों और गांव वालों के बीच नोंक-झोंक चलती रही। मामला बढ़ता देख पुलिस ने तहसीलदार को सूचना दी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने बताया कि पट्टा निरस्त हो चुका है। यह आरक्षित वन क्षेत्र है। इसे दो दिनों में खाली करना पड़ेगा और पक्का निर्माण भी ध्वस्त होगा।
वन क्षेत्राधिकारी मझगांई इमरान खान ने बताया कि रविवार को आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से पक्का निर्माण किए जाने की सूचना मिली थी। डीएम के निर्देश पर आरक्षित वन भूमि को खाली कराकर प्लांटेशन कराया जाना प्रस्तावित है। वन विभाग की तहरीर पर चकरघट्टा थाने में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सीओ नक्सल श्रुति गुप्ता ने बताया कि पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान थाना प्रभारी राजकुमार यादव, चौकी इंचार्ज मझगामा भैरवनाथ यादव, थानाध्यक्ष चकरघटृटा दीनदयाल पांडेय मौजूद थे।