आसपास के लोगों ने यह देखा तो इसकी सूचना एसडीएम न्यायिक प्रदीप कुमार को दी जो आवास से कलेक्ट्रेट के लिए निकले थे। एसडीएम को आते देख कबाड़ी की दुकान पर किताबें उतार रहे पिकअप सवार लोग वाहन लेकर भाग निकले। एसडीएम पहुंचे तो दुकान पर बीस बंडलों में दो कुंतल से अधिक किताबें थीं।
पूछताछ में दुकानदार के कुछ नहीं बता पाने पर उन्होंने बीएसए को इसकी सूचना। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद पुस्तक प्रभारी समेत जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों मोबाइल बंद हो गए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (चंदौली) सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि कबाड़ी के यहां से सत्र 2020-21 और 2021-22 की किताबें मिली हैं। ये किताबें कबाड़ी की दुकान पर कैसे और किसके प्रयास से पहुंची इसकी जांच की जा रही है। इसमें दोषी अफसर व कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्ती के साथ पेश आएगा।
बिना विभागीय मिलीभगत के ऐसा संभव नहीं
बच्चों में निशुल्क बांटने के लिए आई किताबों का कबाड़ी की दुकान पर पहुंच जाना अधिकारियों को कठघरे में खड़ा करने वाला है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि बिना अधिकारियों के मिलीभगत से बड़ी संख्या में किताबों को बाहर बेचना संभव ही नहीं है।