जांच अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक को दी। इस पर सीनियर डीओएम सुधांशु रंजन ने स्टेशन मास्टर और लीवरमैन को निलंबित कर दिया और जांच शुरू कर दी है। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए भारतीय रेलवे लगातार काम कर रहा है। संरक्षा के तहत कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। दूसरी तरफ कर्मचारी और अधिकारी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।
पूर्व मध्य रेलवे के पांचों मंडलों में बेटिकट यात्रियों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नवंबर माह में 3.5 लाख बेटिकट यात्री पकड़े गए। इनसे 20 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली हुई। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में नवंबर माह में 48 हजार 500 बेटिकट यात्री पकडे गए। इनसें 02.70 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली हुई।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पांचों मंडलों में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। नवंबर माह में पूर्व मध्य रेल के पांचों मंडलों में अधिकारियों की अलग-अलग टीम बनाकर स्टेशन एवं ट्रेनों में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। नवंबर माह में बिना टिकट यात्रा करते हुए 03.49 लाख 340 यात्री पकड़े गए।
इनसे जुर्माने के रूप में 20. 10 करोड़ रुपये राजस्व की आय हुई। यह कोरोना काल के पहले नवंबर 2019 की तुलना में 3.05 प्रतिशत अधिक बेटिकट यात्री पकड़े गए। इनसे राजस्व के रूप में हुई आय 40.67 प्रतिशत अधिक है। पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 48.50 हजार यात्रियों से 03. 38 करोड़ रुपये की आय हुई।
पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें एक युवक बेटिकट पकड़ा गया। सभी बेटिकट यात्रियों को रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट लाया गया। यहां जेल जाने के डर से आरोपी युवक वहां से भाग निकला। आरोपी को भागता देख कोर्ट में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। बाद में आरपीएफ ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को प्लेटफार्म संख्या तीन से पकड़ लिया। इसके बाद उसे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
शनिवार को भी स्टेशन पर अभियान चलाया गया। इसमें बेटिकट यात्रियों को पकड़ कर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। यहां लिखा पढ़ी की कार्रवाई चल रही थी। इसी बीच एक आरोपी युवक मौका देख कर वहां भाग निकला। आरोपी भागता देख वहां तैनात कर्मी सकते में आ गए।
इसकी जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी गई। मुल्जिम को कोर्ट से भागने की जानकारी होते ही आरपीएफ और जीआरपी कर्मी सतर्क हो गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में एसआई सरिता गुर्जर, चंदन पासवान, अश्वनी कुमार ने मुल्जिम को प्लेटफॉर्म नंबर तीन से पकड़कर कोर्ट में भेज दिया।