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बेटी नहीं, फिर भी भेज दिया शादी का अनुदान

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बेटी नहीं, फिर भी भेज दिया शादी का अनुदान
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-जिला ऑडिट टीम की जांच में सामने आई विभाग की बड़ी लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
नौगढ़। विकासखंड में सुहागन को विधवा बनाकर अनुदान देने के बाद अब बिना बेटी वाले पिता को दो बेटियों की अनुदान राशि भेजने का मामला सामने आया है। इस योजना के तहत एक ऐसे पिता और मां के खाते में 40 हजार की राशि भेज दी गई, जिसकी बेटी है ही नहीं वह तीन बच्चों के माता-पिता हैं।
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नौगढ़ के अमदहां-चरनपुर में एक ऐसे मां और पिता के खाते में राशि भेज दी गई है जिसके तीन बेटे हैं, बेटी एक भी नहीं हैं। लेकिन दो बेटियां दिखाकर शादी के अनुदान का पैसा खाते में भेजा गया है। प्रदेश सरकार गरीब कन्याओं की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इस योजना में अभिभावकों के खातों में राशि भेजे जाने का प्रावधान है। मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा कराए जा रहे जांच-पड़ताल में अधिकारियों को इस लापरवाही का पता चला है। अमदहा - चरनपुर के लाभार्थी दिनेश के पास कोई पुत्री ही नहीं है। मजेदार बात तो यह है कि अनुदान की कॉपी में फर्जी बेटी के साथ छदम नाम के दूल्हों से शादी भी करा दिया। दिनेश को तीन बेटे प्रदुमन केसरी, कृष्णकांत केसरी, आशुतोष है। शादी अनुदान की कॉपी में दिनेश की पुत्री के कॉलम में सुमन और दामाद धमेंद्र लिखा गया है। वहीं दिनेेश की पत्नी संगीता की रोशनी नाम की बेटी और उसका दूल्हे के नाम के आगे राजेश लिख दिया गया है। जबकि सबकुछ फर्जी है।
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कोट................
मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा जांच पड़ताल कराई जा रही है, मैं दिनेश के घर गया था। उसने बताया कि मेरे तीन लड़के हैं। लड़की नहीं है।
राकेश कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी
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अभिलेखों में दिनेश कुमार की दो बेटियों के नाम पर शादी अनुदान का रुपया आना दिखाया जा रहा है। लेकिन उनके केवल तीन लड़के ही हैं।
जिलाजीत सिंह यादव, प्रधान प्रतिनिधि, अमदहां -चरनपुर
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