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क्रोध में खो बैठे आपा और युवक को उतार दिया मौत के घाट

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पीडीडीयू नगर। मनुष्य पर जब क्रोध हावी होता है तो सबसे पहले विवेक का नाश हो जाता है। ठीक ऐसा ही बृहस्पतिवार को अलीनगर थाना क्षेत्र के महरखां गांव के अनिल,रमावती, सोनू और कुछ ग्रामीणों के साथ हुआ। क्रोध में वे आपा खो बैठे और यह भूल गए कि वे कितना जघन्य कार्य करने जा रहे हैं। आक्रोश और क्रोध में उन्होंने पीट-पीटकर एक युवक की निर्मम हत्या कर दी।
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गांव के लोगों ने बताया कि कुंदन काफी पहले से गांव के लोगों को परेशान किया करता था। लोगों से मारपीट की वजह से वह पहले भी दो बार जेल जा चुका था। इधर उसकी मानसिक स्थिति काफी खराब हो चुकी थी और परिजन उसका इलाज भी करा रहे थे। लेकिन वह गांव में हमेशा बांकी लेकर घूमता रहता था। और कब किस पर वार कर देता था कोई सोच भी नहीं पाता था। गांव के लोग काफी डरे सहमे रहते थे। ग्रामीणों के अनुसार कुंदन गांव की महिलाओं के साथ भी अभद्रता करता था। बुधवार की शाम उसने सबसे पहले अनिल कुमार के 18 वर्षीय पुत्र सोनू को बाकी से मारकर घायल कर दिया था। जिससे सोनू के पिता अनिल और माता रामावती अंदर ही अंदर काफी गुस्से में थे। लेकिन गांव वालों के समझाने पर उन्होंने अपना गुस्सा घोंट लिया। लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह जब अनिल गांव से गुजर रहा था तो कुंदन ने उस पर भी बाकी से बाहर कर दिया फिर क्या था अनिल का क्रोध फूट पड़ा और उस क्रोध में आपा खोकर उसने और उसकी पत्नी के साथ अन्य लोगों ने मिलकर वह कार्य कर दिया जो शायद किसी ग्रामीण ने सोचा भी ना था। युवक कुंदन को रस्सी में बांधने और पीटने के दौरान लोग भूल गए कि कुंदन की मौत भी हो सकती है। लेकिन क्रोध में विवेक हो चुके लोगों की पिटाई से कुंदन की मौत हो चुकी थी।
युवक को रस्सी से बांध कर पीट पीटकर मारने का वीडियो अगर शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ होता तो यह घटना बिल्कुल दब जाती। कुंदन के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार को ही मुकदमा दर्ज कर दिया था लेकिन पुलिस को भी शायद यह नहीं मालूम था कि घटना इतनी निर्मम है वीडियो वायरल होने के बाद और उसने दिखे दर्दनाक दृश्य के बाद पुलिस हरकत में आई और उसने तुरंत अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूरे दिन जिले में सोशल मीडिया से लेकर अन्य जगहों पर इस घटना की चर्चा होती रही। यह भी कहा जाता रहा कि अगर सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल नहीं होता तो कोई यह नहीं जान पाता कि युवक की मौत कैसे हुई है चाहे लाख उसके परिजन आरोप क्यों नहीं लगाते।
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