पीडीडीयू नगर के विजयनगर कॉलोनी में रविवार की रात 11 बजे ट्रांसफार्मर पर कार्य करने के दौरान अचानक करंट की चपेट में आकर संविदाकर्मी सागर (33) नीचे गिर गया, जिससे उसका दाहिना हाथ टूट गया और सिर में गंभीर चोट आई। साथ ही उसके दोनों कांख पूरी तरह से झुलस गए। अन्य कर्मी आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जहां बेड न होने से उसे निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
छह महीने पहले भी खंभे से गिरकर उसका पैर टूट गया था
गर्मी शुरू होने के साथ नगर में बिजली कटौती का दौर भी शुरू हो गया है। रात 11 बजे से बिजली कटने का जो सिलसिला आरंभ हो रहा है, वह भोर तक जारी रह रहा है। चंधासी उपकेंद्र से जुड़े फीडर संख्या तीन के विजयनगर कॉलोनी में रविवार की रात 11 बजे बिजली की खराबी के बाद संविदाकर्मी मरम्मत कार्य करने लगे।
मोहल्ले में लगे 100 केवी ट्रांसफार्मर के दो जंफर उड़ गए थे। दोनों जंफरों को जोड़ने के बाद कार्य कर रहे संविदाकर्मी सागर अचानक करंट की चपेट में आकर नीचे गिर गया। इससे उसका दाहिना हाथ टूट गया और सिर में गंभीर चोट आ गई। वहीं, करंट लगने से उसके दोनों कांख भी जल गए हैं।
ट्रॉमा सेंटर में सीटी स्कैन के बाद बेड न मिलने से सागर को एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस संबंध में फीडर संख्या तीन के जेई रितेश कुमार निषाद ने बताया कि संविदाकर्मी को उचित इलाज दिलाने के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अलीनगर नई बस्ती का मूल निवासी सागर विश्वकर्मा का छह महीने पहले भी आलू मिल के पास बिजली के खंभे से कार्य करने के दौरान गिरने से पैर टूटा था। उसका पैर एक महीने पहले ही ठीक हुआ था कि रविवार को उसका हाथ टूट गया और सिर में गंभीर चोट आ गई है। परिवार में दुखों का पहाड़ टूटा है। सागर की पत्नी किरण और तीन महीने की बेटी बिट्टू है। सूचना के बाद सभी अस्पताल पहुंचे। पत्नी किरण का रो-रोकर बुरा हाल था।
सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग नहीं करते संविदाकर्मी
विद्युत वितरण निगम की ओर से समय-समय पर संविदाकर्मियों को कार्य के दौरान करंट से बचने के लिए सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाते हैं। इन उपकरणों में हेलमेट, ग्लब्स, जूते, जैकेट आदि होते हैं। बावजूद इसके कोई संविदाकर्मी कभी उपकरणों का प्रयोग नहीं करते हैं। उनका यही अति आत्मविश्वास हादसे का सबसे बड़ा कारण बनता है।
निगम के अधिकारी भी सुरक्षा उपकरण बांटकर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेते हैं। वे कभी इस ओर ध्यान नहीं देते कि सुरक्षा उपकरणों का संविदाकर्मी उपयोग कर रहे हैं या नहीं। हालांकि, दुर्घटना के बाद वे यह जरूर कहते हैं कि यदि कर्मी ने उपकरणों का प्रयोग किया होता तो वह बच सकता था।
बोले अधिकारी
इसकी जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही बताया जा सकेगा कि घटना कैसे घटी है।
- अरविंद कुमार, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड दो, मुगलसराय