ताराजीवनपुर । खर्रा से होकर नीचूपुर जाने वाली माइनर पर बनी सड़क एक दशक से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन आधा दर्जन के गांव के ग्रामीण इसका इस्तेमाल मुख्य मार्ग के रूप में करते है। मार्ग की बदहाली के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं होने होने से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।
क्षेत्र के खर्रा से होकर बरईपुर नीचूपुर गांव को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बने गड्ढे के चलते लोगों को आवागमन को काफी परेशानी हो रही है। जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन नीचूपुर, त्रिपाठ, बरईपुर, खर्रा, महरखा सहित आधा दर्जन गांव के ग्रामीण आवागमन करते हैं। एक दशक से खराब सड़क निर्माण के लिए अब तक किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है। आए दिन ग्रामीण गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बरईपुर के प्रधान प्रतिनिधि मुरारी यादव ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन उनके कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। बरईपुर निवासी बिहारी ने बताया कि सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाने के कारण लोगों को आवागमन करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ककरही कला गांव निवासी संदीप चौहान ने बताया कि बदहाल सड़क पर चलना संकट भरा साबित हो रहा है। आए दिन ग्रामीण गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कैली गांव निवासी श्रवण यादव ने बताया कि इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की ाअधिकतर सड़के बदहाली का दंश झेल रही हैं।