पीडीडीयू नगर। एल्युमीनियम के अयस्क और कंसन्ट्रेट पर सरकार ने एक अप्रैल से करीब 30 प्रतिशत तक आयात शुक्ल बढ़ा दिया है। वहीं कंप्रेसर में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर भी आयात शुल्क बढ़ा दिए जाने से टीवी, एसी और फ्रिज महंगे हो गए हैं। एसी व फ्रिज के दामों में मॉडल के अनुसार डेढ़ से दो हजार रुपये की वृद्धि हो गई है। पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस सिलिंडर के बाद एसी, फ्रिज सहित टीवी, पंखे और स्मार्टफोन के दाम बढ़ गए हैं जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
गर्मियों के मौसम में एसी व फ्रिज की मांग बढ़ जाती है। गर्मी से बचने के लिए लोग घरों व प्रतिष्ठानों में एसी लगवाते हैं। वहीं गला तर रखने के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं। गर्मियों के ठीक पहले एसी व फ्रिज में इस्तमाल होने वाली वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिए जाने से इनके दाम बढ़ गए हैं। वहीं डीजल के दाम में करीब आठ रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। इससे परिवहन शुल्क बढ़ा है जिसका असर वस्तुओं के मूल्य पर पड़ रहा है। मध्यम तबके के लोगों की जेब पर महंगाई का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। बाजार पर इस तबके की खरीदारी की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होती है। अब दामों के बढ़ने से इस वर्ग के लोग खरीदारी को लेकर परेशान हैं।
मिट्टी से बने घड़े व सुराही के दाम भी बढ़ने लगे हैं। एक समय आसानी से सुलभ होने वाले घड़े और सुराहियों की दुकानें अब इक्का दुक्का ही दिख रही हैं। पहले नगर में जीटी रोड के किनारे फुटपाथ पर कई स्थानों पर इनकी दुकानें दिख जाती थीं। वहीं अब घड़े व सुराही लेने के लिए लोगों को एक किलोमीटर दूर नई बस्ती जाना पड़ता है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष घड़े व सुराही के मूल्य भी बढ़े हैं। नल की टोंटी लगा घड़ा पिछले वर्ष जहां सौ से डेढ़ सौ रुपये का मिल रहा था, वहीं इस वर्ष इसकी कीमत डेढ़ से दो सौ रुपये हो गई है। वहीं बिना टोंटी का घड़ा भी 30 से 50 रुपये महंगा हो गया है। साइज के अनुसार यह 100-150 रुपये तक बिक रहा है। वहीं सुराही भी 60-80 से रूपये में बिक रही है।