मानव को प्रेम का संदेश देने प्रभु येशु के जन्मोत्सव क्रिसमस की तैयारी में अभी से मसीही समुदाय के लोग जुट गए हैं। प्रभु के प्रिय पुत्र के आगमन के लिए घरों में कैरोल गीत गाए जा रहे हैं। वहीं केक बनाने की भी शुरूआत हो गई है। देश के चुनिंदा गिरजाघरों में शामिल बाल यीशु चर्च में मंगलवार से चरनी सजाने का काम शुरू किया जाएगा।
सैकड़ों वर्ष पहले प्रेम, मानवता का संदेश देने और मनुष्य के पाप हरने के लिए ईश्वर ने अपने पुत्र को धरती पर 25 दिसंबर को भेजा था। प्रभु येशु ने पूरे जीवन काल में मानव को प्रेम का संदेश दिया और लोगों के पाप लेकर इस दुनिया से विदा हुए। उद्धार करने वाले प्रभु येशु के आगमन की खुशियां मसीही समुदाय के लोग जोशो खरोस से मनाते हैं। घरों में क्रिसमस ट्री सजाया जाता है। वहीं चरनी सजाकर उद्धारकर्ता के जन्म को प्रदर्शित किया जाता है। एक दूसरे को उपहार दिए जाते हैं। घरों में पकवान के साथ तरह तरह के केक तैयार कर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया जाता है। वैसे तो एक दिसंबर से ही क्रिसमस की तैयारियां शुरू हो जाती है। मसीही समुदाय के लोगों ने घरों में केक बनाना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ लोगों ने बेकरी के पास खास किस्म के केक बनाने के आर्डर दे रहे हैं।