चकिया। नगर में प्रतिदिन कई बार जाम लगने से बाजार की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जाम के चलते व्यापारी, राहगीर, महिलाएं, मरीज और छात्रों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन जाम से निजात दिलाने का कोई उपाय नहीं किया गया। व्यापारी इसे चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा बनेगा।
नगर में प्रतिदिन आने वाले चार पहिया वाहनों स्कूलों की बसों तथा नगर की पटरियों पर अतिक्रमण के चलते हर और जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे समाज के हर तबके को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर में जाम लगने का प्रमुख केंद्र शमशेर ब्रिज पर मोड़ है। इस मोड़ से होकर शहबगंज इलिया के वाहन आते जाते हैं। यहां पर चार पहिया छोटे और बड़े वाहनों को मोड़ने के समय लगता है। इसके कारण दिन में कई बार जाम लगता है। इस जाम के कारण कोतवाली, अस्पताल, आदित्य नारायण इंटर कॉलेज, प्राथमिक विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, डाकघर जाने वाले मार्ग तथा कचहरी तहसील मुंसिफ कोर्ट जाने वाला मार्ग भी जाम की चपेट में आ जाता है। जाम के कारण बाजार की अर्थव्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। गांव से आने वाले लोग परेशान रहते हैं। वहीं जाम के कारण अस्पताल डाकघर जाने वाले मरीजों तथा नागरिकों को दिक्कत होती है। कचहरी तहसील जाने वालों को पैदल जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। जाम के कारण पुरानी चकिया मार्ग से लोग निकलते हैं, लेकिन यह मार्ग भी अत्यंत जर्जर है। नगर के व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद मोदनवाल ने कहा कि जाम के कारण दुकानों पर ग्राहकों की कमी हो रही है। इससे रोजगार प्रभावित है। जाम को दूर करने के उपायों की जरूरत है। मुरारपुर के निवासी शिव कुमार मौर्य ने कहा कि जाम के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओर जाने वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। इसलिए वैकल्पिक मार्ग जरूरी है। चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा है। गरला गांव निवासी धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि नगर में बनाया गया पार्किंग स्थल पूर्वी बाजार में है। यहां तक चार पहिया वाहनों को ले जाने के लिए जाम से होकर गुजरना पड़ता है। पुरानी चकिया निवासी फिरोज अहमद ने कहा कि नगर में जाम के कारण वाहनों को नगर के बाहर ही खड़ा कर पैदल बाजार में जाने के अलावा कोई चारा नहीं है।