पीडीडीयू नगर। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जनपद में स्थित पांच लघु सिंचाई बंधियों छित्तमपुर, चुप्पेपुर, जयमोहनी पोस्ता और बहेलियापुर के नवीनीकरण परियोजना के लिए 1.32 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन बंधियों के नवीनीकरण से सिंचाई से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे वनांचल के हजारों किसानों को राहत मिलेगी। लघु सिंचाई विभाग से चल रहा मरम्मत कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। मरम्मत कार्य के बाद धान की खेती के लिए करीब 50 गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगेगा।
धान का कटोरा कहे जाने वाले जनपद में किसान सिंचाई के लिए हमेशा परेशान रहते हैं। समय पर नहरों से पानी न मिलने से उन्हें खेती-किसानी में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी टेल के किसानों को उठानी पड़ती है। टेल के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बंधियों का नवीनीकरण किया जा रहा है जो अब लगभग अंतिम चरण में है। बंधियों के नवनिर्माण का कार्य वर्ष 2021 में ही आरंभ कर दिया गया था बस राशि स्वीकृत होने का इंतजार था। इस दौरान बंधियों के कुलावा, तटबंध की मरम्मत, नहरों की खोदाई व पटरी मरम्मत सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
नौगढ़ संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के जयमोहनी पोस्ता व चुप्पेपुर स्थित बंधी का नवनिर्माण किया जा रहा है। इस दौरान बंधियों की खोदाई कर मिट्टी निकालने के साथ नहर की पटरियों की मरम्मत कराई है ताकि पानी का बहाव तेज हो और टेल के खेतों तक पहुंच सके। इससे करीब दो दर्जन गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगेगा।
चकिया संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के चुप्पेपुर व बहेलियापुर के बंधियों का बंधी प्रखंड की ओर से नवनिर्माण कराया जा रहा है। इस दौरान कुलावा, मिट्टी रोला आदि कार्य कराए गए हैं। वहीं मिट्टी को डोला से चढ़ाकर मिट्टी को ऊपर भी किया गया है। दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों के खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा।
पीडीडीयू नगर। किसान काफी दिनों से इन बंधियों के मरम्मत की मांग कर रहे थे। बंधियों में अतिरिक्त मिट्टी जमा होने व नहरों के तटबंध क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी का बहाव धीमा हो गया था। आलम यह था कि किसान महंगा डीजल फूंककर मशीन के जरिए सिंचाई करने को विवश थे। वहीं कमजोर तबके के किसानों के खेत सिंचाई के अभाव में सूखे रह जाते थे। अब इन किसानों के खेत तक भी पानी पहुंचने लगेगा।
जिले की पांच बंधियों के नवीनीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। राशि स्वीकृत हो चुकी है। बचे कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। धान की खेती के समय किसानों को प्रचुर मात्रा में सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा।-राजेश यादव, एक्सईएन, बंधी प्रखंड।