कंदवा। क्षेत्र स्थित करीब आठ किलोमीटर लंबी कंदवा- ककरैत माइनर झाड़ झंखाड़ से पटी पड़ी है। जिससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी स्थिति यथावत बनी हुई है। जिसे लेकर किसानों में सिंचाई विभाग के प्रति नाराजगी है।
नरायनपुर पंप कैनाल से निकली अमड़ा बड़ी नहर से कंदवा-ककरैत माइनर निकली है। जिससे कंदवा, कोरमी, बकौड़ी, असना, बहेरा, गौंवाचावर, ककरैत आदि गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। यह माइनर वर्तमान समय में बेहया, करेम आदि झाड़ झंखाड़ से पटी पड़ी है। किसानों ने इसके साफ-सफाई की मांग कई बार की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसान सन्तोष राय, डब्बू राय, नरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सतीश राय ने कहा कि माइनर की साफ सफाई के लिए कई बार सिंचाई विभाग से गुहार लगाई गई लेकिन उसके बाद भी आज तक साफ सफाई नहीं कराई गई। जिससे किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। खेतों की सिंचाई करने में काफी समस्या होती है। अब एक बार फिर खेती का समय आ गया है वहीं सिंचाई की समस्या मुंह बाये सामने खड़ी है। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समस्या के समाधान की मांग की है।