चहनिया। मौसम में हुए परिवर्तन व पहाड़ी इलाकों में बादल फटने के साथ लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देख एक बार फिर तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ने लगी है। वहीं क्षेत्र में अभी तक एक भी बाढ़ चौकी स्थापित नहीं की गई है।
कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद एक बार फिर गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे गंगा के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की चिंता बढ़ती जा रही है। अभी क्षेत्र में एक भी बाढ़ चौकी नहीं बनाई गई है।गंगा में बढ़ते जलस्तर से गंगा के तटवर्ती गांव भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कावर, पकड़ी, महुअरिया, विशापुर, महुआरी, सराय, बलुआ, डेरवा, महुअर, जूड़ा हरधन, गंगापुर, पूराविजयी, पूरागनेश, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, जमालपुर, बड़गांवा, शेरपुर, सरैया, हसनपुर, तिरगाव, भूसौला, मुकुन्दपुर, नादी, निधौरा, सहेपुर सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण बाढ़ की आशंका से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी गंगा के बढ़े जलस्तर से कटान के चलते सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में समाहित हो चुकी है।