पीडीडीयू नगर। सरकार एसएसजी एप्लिकेशन (स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण) के जरिए गांवों में सफाई की हकीकत परखेगी। लोग मोबाइल में एप डाउनलोड कर अपना फीडबैक दे सकते हैं। ग्रामीणों की राय के आधार पर ही ग्राम पंचायतों को अंक दिए जाएंगे। इससे लोगों को जहां अपनी बात शासन तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। वहीं स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपये डकारने वाले प्रधान, सचिव व पंचायती राज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी बेनकाब होंगे।
ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच की परंपरा समाप्त नहीं हो रही। ऐसे में केंद्र सरकार ने अभियान की हकीकत परखने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन से एजेंसी नियुक्त की गई है। इस मुहिम में आमजन को सहभागी बनाया जाएगा। लोग मोबाइल में एप्लिकेशन अपने मोबाइल में अपलोड कर इस पर फीडबैक दे सकते हैं। इसके आधार पर ही एजेंसी ग्राम पंचायतों को नंबर देगी। जिन ग्राम पंचायतों का प्रदर्शन बेहतर होगा, उनके लिए तो चिता की कोई बात नहीं, लेकिन जहां स्थिति खराब होगी, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों व ग्राम प्रधानों पर गाज भी गिर सकती है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वच्छता सर्वेक्षण किया जा रहा है। लोग मोबाइल पर एप्लिकेशन अपलोड कर अपना फीडबैक दे सकते हैं। इससे हकीकत का पता चलेगा।
-अजितेंद्र नारायण, सीडीओ