चहनिया। बलुआ थाना क्षेत्र के ककरहटी गांव में शुक्रवार को मिट्टी लादकर बीच सड़क पर खड़े के ट्रैक्टर के चलते एक एबुंलेंस को लगभग डेढ़ घंटे तक गांव में खड़ा रहना पड़ा। एंबुलेंस में सवार मरीज की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर को किनारे किया। इसके बाद एंबुलेंस चालक किसी प्रकार मरीज को लेकर पीएचसी पहुंचा। जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में मरीज की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया कि यदि एंबुलेंस डेढ़ घंटे गांव ने फंसी होती तो शायद पिता की जान बच जाती।
ककरहटी गांव निवासी लालधारी गिरी की तबीयत खराब होने के बाद परिजनों ने शुक्रवार की शाम चार बजे एम्बुलेंस को फोन किया । सूचना के बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस मरीज को लेकर चहनिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से निकल पड़ी। इस दौरान गांव में एक चालक ट्रैक्टर पर मिट्टी लादकर उसे सड़क के बीचों बीच खड़ा करके गायब हो गया। इसके चलते एंबुलेंस मौके पर डेढ़ घंटे तक फंसी रही। मरीज की तबीयत बिगड़ने के बाद ग्रामीणों ने जेसीबी मंगवाकर ट्रैक्टर को मार्ग से किनारे हटाया तब जाकर एंबुलेंस स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच सकी। जहां मरीज की स्थिति को देख चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया लेकिन सकलडीहा पहुंचते-पहुंचते मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले शव को लेकर घर वापस आ गये। मृतक के पुत्र जर्नादन गिरी ने कहा कि यदि ट्रैक्टर चालक ने बीच मार्ग पर अपने वाहन को खड़ा नहीं किया होता तो शायद उसके पिता की जान बच जाती । हालांकि घटना के कुछ देर बाद मौका देख चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया।