चंदौली। जनपद में एम्बुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। जिसकी वजह प्रदेश में 102 और 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़ी जीवन रक्षक वाहनों को पहिए थम गए हैं। प्रदेश में एस्मा लागू होने के बादवजूद भी जिल में एम्बुलेंस कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में मरीजों को काफी मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है। मरीज एम्बुलेंस सेवा के कॉल सेंटर में फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एम्बुलेंस सेवा नहीं मिल रही है। इस दौरान जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108-102 एम्बुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार गिरि चक्काजाम का एलान कर दिया। जिसके बाद सोमावर सुबह से जिले में 108-102 और एएलएस एंबुलेंस सेवा ठप हो गई है।
एएलएस एंबुलेंस सेवा का संचालन पहले जीवीकेईएमआरआई कंपनी करती थी, लेकिन अब इससे जिगित्सा हेल्थ केयर कंपनी को सौंप दिया गया है। कहा कि कोविडकाल से लेकर अब तक 102 व 108 एंबुलेंस सेवाओं का संचालन कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बगैर करते आ रहे हैं। इस दौरान सैकड़ो कर्मचारी पॉजिटिव हो गए और आधा दर्जन से अधिक लोग शहीद हो गए है। अभी हाल में ही एंबुलेंस का संचालन करने वाली जीवीके कंपनी एडवांस लाइफ सपोर्ट का टेंडर छोड़ दिया।अब उक्त एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा अब जिगित्सा कंपनी ने ले लिया है. जिगिक्सा कंपनी पुराने कर्मचारियों से काम लेने की बजाय नयी भर्ती कर रही है। इसके लिए कम्पनी की ओर से लगातार 20 हजार रुपये की डीडी जमाकर कराई जा रही है। इस हालत में प्रदेश भर में 250 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस ओर काम करने वाले कर्मचारी बेरोजगार हो गए है। इन कर्मचारियों को न तो जीवीके रखने को तैयार नही है,और न ही जिगित्सा रखने को तैयार है। इस बाबत सीएमओ ने हड़तालरत कर्मियों से स्पष्ट कहा कि जो लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं वे एंबुलेंस को विभाग को हैंडओवर कर दें। इस मौके पर शिवकुमार यादव, कैलाश यादव, राकेश यादव, शैलेन्द्र कुमार, मनोज कुमार, भूपेंद्र पटेल, अशोक कुमार, शिवकुमार भारती, प्रभाकांत तिवारी, मदनलाल यादव आदि उपस्थित रहे।