कंदवा। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेला में बरहनी विकास खंड के इमिलिया गांव निवासी अजय सिंह को नवोन्मेषी किसान से सम्मानित किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से ‘तकनीकी ज्ञान से आत्म-निर्भर किसान’ थीम पर 9 से 11 मार्च तक तीन दिवसीय कृषि विज्ञान मेला का आयोजन किया गया था। समापन समारोह में देशभर के कोने-कोने से आए 36 चयनित किसानों को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से नवोन्मेषी किसान 2022 पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें बरहनी ब्लाक के इमिलिया गांव के प्रगतिशील किसान अजय सिंह भी शामिल हैं। अजय सिंह ने बताया कि मेले में किसान स्मार्ट एग्रीकल्चर, डिजिटल एग्रीकल्चर आदि की जानकारी दी गई। प्राकृतिक और जैविक खेती से किसान कैसे अधिक लाभ ले सकते हैं इस बारे में जानकारी दी गई।
कंदवा। मेले में पूसा बासमती की चार नई किस्मों के बारे में भी फोकस किया। इनमें पूसा बासमती 1847, 1885, 1886 एवं 1692 शामिल हैं। पूसा बासमती 1847 को बासमती 1509 की जगह तैयार किया गया है। नई किस्म यानी बासमती 1847 में ब्लास्ट और शीथ ब्लाइट नामक फफूंदी रोग नहीं लगेगा। जबकि पूसा बासमती 1885 को बासमती 1121 की जगह तैयार किया है। नई किस्म में 20 फीसदी पैदावार ज्यादा है। इसी प्रकार 1886 को 1401 सुपर बासमती की जगह निकाला गया है।