चंदौली। न्यायालय भवन निर्माण के लिए अधिवक्ताओं का आंदोलन धीरे-धीरे तेज होने लगा है। आंदोलन स्थल पर किसी सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने से अधिवक्ताओं नाराजगी है। बृहस्पतिवार को लामबंद अधिवक्ताओं ने एसपी आवास और कार्यालय के बीच एनएच पर धरने पर बैठ गए। जिससे हाइवे जाम हो गया और उसके दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम संजीव कुमार को अधिवक्ताओं की नाराजगी झेलनी पड़ी। बाद में अधिवक्ता दो दिनों में आत्मदाह की चेतावनी देते हुए वहां से हटे।
सदर एसडीएम संजीव कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज, सीओ रामवीर सिंह और कोतवाल अशोक मिश्रा का अधिवक्ताओं का प्रयास नाकाम रहा। बाद में अधिवक्ता खुद सड़क छोड़कर चले गए। हालांकि चेतावनी दी कि यदि दो दिनों में जिला प्रशासन ठोस निर्णय नहीं करेगा तो आत्मदाह करेंगे। अधिवक्ता झन्मेजय सिंह और धनंजय सिंह ने कहा कि अफसर जिला मुख्यालय को कहीं और ले जाना चाहते हैं। इसीलिए सरकारी कार्यालयों के लिए भूमि आवंटित होने के बाद भी निर्माण कार्य को अधर में लटकाया जा रहा है। आल इंडिया बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सदस्य अरुण त्रिपाठी ने अधिवक्ताओें का समर्थन किया । उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की लड़ाई जनपद के हर वर्ग की लड़ाई है। अगर प्रशासन अभी भी उदासीन रहा तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के प्रधानमंत्री से भी की जाएगी। इस आंदोलन को देश व्यापी बनाया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि अधिवक्ताओं की लड़ाई की गंभीरता को जिले के अफसर व जनप्रतिनिधि समझें और जब जमीन उपलब्ध है तो शीघ्र निर्माण कार्य आरंभ कराएं। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पाठक, महामंत्री झन्मेजय सिंह, सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री धनंजय सिंह, अनिल सिंह, संतोष सिंह, संजय मिश्रा, राजेश मिश्रा, राजेश दीक्षित, सुल्तान अहमद, उज्ज्वल सिंह, दिनेश यादव, संदीप यादव, चन्द्रभूषण यादव, गोकूल प्रसाद, रामकृत राम, महेंद्रनाथ चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता विनोद सिंह व संचालन राकेश रत्न तिवारी व शमशुद्दीन ने संयुक्त रूप से किया।