पीडीडीयू नगर। कोरोना के बाद ट्रेनों का परिचालन तेजी से जारी है। इसके साथ ही बेटिकट यात्रियों की धड़ पकड़ भी तेज कर दी गई है। इसका नतीजा हुआ कि एक अप्रैल से 16 अक्तूबर तक पूरे मंडल में एक लाख से अधिक बेटिकट यात्री पकड़े गए। इनसे पांच करोड़ से अधिक रुपये की वसूली हुई। वहीं एक अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक मंडल में बेटिकट यात्रियों से हुई 73.35 लाख रुपये की वसूली हुई।
पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में डीआरएम राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में जहां यात्री सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं बिना टिकट चलने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक रुपेश कुमार की देख रेख में पूरे मंडल में स्टेशनों पर और ट्रेनों में यात्रियों की सघन चेकिंग की जा रही है। इसका नतीजा है कि इस वर्ष एक से 16 अक्तूबर तक बिना टिकट यात्रा कर रहे 13441 लोगों को पकड़ा गया। इनसे जुर्माना के रूप में लगभग 73 लाख 35 हजार रुपये का राजस्व मिला। पिछले वित्तीय वर्ष में इस दौरान 2550 लोगों से जुर्माने के रूप में 12.35 लाख रुपये वसूली हुई थी। एक अप्रैल से 16 अक्तूबर तक मंडल में बिना टिकट यात्रा कर रहे 1.05 लाख 228 लोग पकड़े गए। इनसे जुर्माना के रूप में लगभग 05.02 करोड़ 80 हजार रुपये वसूला गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में 6686 बेटिकट यात्रियों से 31.82 लाख रुपये राजस्व की वसूली हुई थी। मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय है। बेटिकट यात्रियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।