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उड़ीसा से तस्करी कर लाए गए 35 किलो गांजा बरामद

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स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने शनिवार की दोपहर में चिल्हारी चौराहे के समीप कार से उड़ीसा से तस्करी कर लाई जा रही 35 किलो गांजा को बरामद किया। पुलिस ने तस्करी के आरोप में तीन को पकड़ा। तीनों लंबे समय से गांजा तस्करी में लिप्त रहे। दो गांजा तस्करी में जेल भी जा चुके हैं। पुलिस के अनुुसार बरामद गांजा की कीमत 2.45 लाख रुपये है। पुलिस की इस उपलब्धि पर एसपी अंकुर अग्रवाल ने टीम की पीठ थपथपाई है।
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थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह शनिवार की दोपहर में सहयोगियों के साथ दीपावली के मद्देनजर चिल्हारी चौराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश कर रहे थे। इसीबीच क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम पहुंच गई। इसी बीच अमड़ा की ओर से चार पहिया लग्जरी कार आती दिखी। पुलिस की घेरे बंदी देख कर कार चालक वाहन पीछे मोड़ने लगा। शक होने पर कार को रोक कर तलाशी ली गई तो कार की डिग्गी में 35 किलो गांजा बरामद हुआ। कार में सवार तीन लोगों से पूछताछ की गई तो तीनों ने क्रमश: सतीश सिंह और समरेन्द्र सिंह निवासी ग्राम फेसुड़ा सैयदराजा, विक्की प्रसाद निवासी बड़हरा थाना बड़हरा जिला भोजपुर बिहार बताया। तीनों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से उड़ीसा से गांजा लेकर आते हैं और क्षेत्र में बेचते हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामद गांजा की कीमत 2.45 लाख रुपये है। बताया कि गिरफ्तार सतीश सिंह वर्ष 2011 में दहेज के लिए अपने भाई की पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा हुई है। सात वर्ष बाद जमानत पर छूट कर आने के बाद गांजा तस्करी में वर्ष 2019 में उड़ीसा में 27 माह की जेल काट चुका है। इसी तरह विक्की प्रसाद वर्ष 2019 में उड़ीसा के कोरापुट में गांजा तस्करी के आरोप में पकड़ा गया और दो वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहा। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं गांजा और कार बरामद कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। गिरफ्तारी टीम में एसआई सुग्रीव प्रसाद गुप्ता, शिवबाबू यादव रहे।
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