उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कमलेश कुमार पाठक की अदालत में बुधवार को बीकापुर से सपा विधायक मित्रसेन यादव के खिलाफ धोखाधड़ी व कागजातों में हेराफेरी और गबन का आरोप तय हो गया।
मामला तारुन थाना क्षेत्र के किसान हाईस्कूल बनकटा में अध्यापकों की फर्जी नियुक्ति करके 21 लाख रुपये गबन करने का है।
किसान हाईस्कूल बनकटा के प्रधानाचार्य ने रिपोर्ट लिखाई थी कि मित्रसेन विद्यालय के तथाकथित प्रबंधक हैं। वह और उनके लड़के असरदार व्यक्ति हैं। अनुचित लाभ न पाने के कारण उन्हें 1997 से विद्यालय जाने से रोक दिया।
दोनों लोगों ने मिलकर तत्कालीन डीआईओएस विनीता बौद्ध का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भानु प्रताप सूबेदार, जितेंद्र कुमार, पंकज यादव, सियाराम, नंद कुमार, रामनायक व राम भारत की फर्जी नियुक्ति कर दी और नंद कुमार, रामनायक व रामभारत के नाम से 1996 से 2001 तक नौ लाख रुपये वेतन के रूप में सरकारी कोष से आहरण कर लिया।
विद्यालय में तीन लोगों की जन्मतिथि बदलकर दो लाख 10 हजार का उनके वेतन के रूप में आहरण कर लिया। सूबेदार यादव लिपिक पद पर कार्यरत थे, उन्हें अध्यापक पद पर कार्यरत दिखाकर नियम प्रतिकूल नियुक्ति की तथा उनके वेतन के रूप में पांच लाख का आहरण कर लिया।