गांवों में घर-घर वायरल बुखार, खाट पर ही ड्रिप लगा रहे झोलाछाप
बुलंदशहर/ खानपुर। मौसम में तेजी से आए बदलाव की वजह से जिले के गांवो में घर-घर बुखार के मरीज हैं। देहात में कई सीचएसी और पीएचसी पर डॉक्टर कम होने की वजह से लोग झोलाछाप से घर में ही खाट पर ड्रिप लगवा रहे हैं। दूसरी तरफ जिला अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में ही वायरल के 308 मरीज पहुंचे जबकि 88 को इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
शहर के वैश्यान वार्ड, प्यारेलाल वार्ड, शिवाला वार्ड में बड़ी संख्या में वायरल बुखार के मरीज हैं। खानपुर, मनिया टीकरी, नयाबांस, ढकरौली गांव में 60 से ज्यादा परिवारों में बुखार के मरीज हैं। स्थानीय चिकित्सक बुखार को वायरल, टायफाइड, मलेरिया बता रहे हैं। खानपुर व पाली परतापुर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोई भी चिकित्सक तैनात नहीं है। वहीं, नगर स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अस्पताल भी वर्षो से बंद पड़ा है। इसकी वजह से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों की तैनाती देने के साथ गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की हैं। ऊंचागांव सीएचसी प्रभारी डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि खानपुर चिकित्सालय में वैकल्पिक रूप से चिकित्सक की नियुक्ति की गई। उसके आने या ना आने की उन्हें जानकारी नहीं है।
गांव में नहीं आई कोई टीम न लगा कैंप
सरकारी चिकित्सालयों पर चिकित्सकों की तैनाती न होने से मजबूरन स्थानीय लोग झोलाछाप से उपचार कराने के लिए मजबूर हैं। लचर स्वास्थ्य सुविधाओं की वजह से घर में ही खाट पर ड्रिप लगवाकर लोग इलाज करा रहे हैं। नगला निवासी समय सिंह, मनोज कुमार, रमेश कुमार निवासी मनिया टीकरी, राजकरन सिंह निवासी सौझना झाया, मनोज कुमार निवासी नयाबास ने बताया कि गांव में काफी लोग बीमार हैं और अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोई कैंप आदि नहीं लगाया है।
बुखार के साथ गले में जकड़न
दस दिन पहले बुखार आया था। बुखार के बाद गले में इन्फेक्शन बढ़ने के कारण स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया। नगर क्षेत्र के सरकारी चिकित्सालय में उपचार न मिलने पर हापुड़ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। - योगेश मित्तल, वैश्यान वार्ड निवासी
इलाज के लिए जाना पड़ा मेरठ
चार दिन पहले बुखार आने पर स्वास्थ्य अधिक खराब हो गया। क्षेत्र के सरकारी चिकित्सालय में किसी भी चिकित्सक के न मिलने पर मेरठ जाकर उपचार कराना पड़ा। - लोकेश कुमार, प्यारे लाल वार्ड निवासी
मौसम में बदलाव सेहत पर भारी
मौसम में बदलाव होने से वायरल बुखार की चपेट में लोग आ रहे हैं। खानपुर क्षेत्र के सरकारी चिकित्सालयों में तैनाती के बाद भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के मौजूद न रहने की जांच कराई जाएगी। वायरल बुखार की चपेट में आने पर पंजीकृत डॉक्टर से ही उपचार कराएं। क्षेत्र में टीम भेजकर लोगों का उपचार कराया जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
डॉक्टरों के 50 फीसदी पद खाली, भटक रहे मरीज
बुलंदशहर। देहात क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलने पर लोगों को जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ रही हैं। जिले में डॉक्टरों के 50 फीसदी पद खाली हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। कई सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं पहुंच रहे है। कई जगह डॉक्टर समय से पूर्व कक्ष छोड़ देते हैं। बुधवार को बारिश के बीच जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,196 लोगों ने प्राथमिक उपचार के लिए पंजीकरण कराया। इसमें कुछ लोगों को कक्ष में चिकित्सकों के न मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा। ओपीडी में उपचार कराने आए कासिम और जावेद ने बताया कि बारिश से चर्म रोग की समस्या बन गई है। ओपीडी में पंजीकरण कराने के बाद चिकित्सक के कक्ष में पहुंचे तो उनके अवकाश पर होने की जानकारी मिली। वायरल बुखार से पीड़ित गौरव ने बताया कि दो-दो फिजिशियन होने के बावजूद ओपीडी में कोई नहीं मिला।
लापरवाह डॉक्टरों पर होगी सख्त कार्रवाई
अस्पताल में मैन पावर की काफी समय से कमी चल रही हैं। जो हैं उनसे कार्य लिया जा रहा हैं। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। अगर कोई ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरत रहा हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस