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Bulandshahar News: किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषियों को सजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर। खुर्जा देहात क्षेत्र में जनवरी 2010 को एक किशोरी को कार सवार गैर संप्रदाय के युवक द्वारा अपहरण करने व उसके एक साथी द्वारा किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायालय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम विजयपाल ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अपहरण के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड जबकि, दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को 10 साल का कारावास और 37 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक विपुल कुमार राघव और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रश्मि सोलंकी ने बताया कि 23 जनवरी 2010 को खुर्जा देहात में पीड़ित व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि दिन में उनकी धेवती अपने भाई के साथ सूट सिलवाने जा रही थी। जब वह नहर की पटरी पर पहुंची तो कार सवार शकील व उसके साथियों ने किशोरी को कार में खींच लिया और अगवा कर फरार हो गए। किशोरी के छोटे भाई ने आरोपियों को पहचाना और परिजनों के साथ उनके घर पहुंचकर किशोरी को वापस लाने की गुहार लगाई। आरोप है कि आरोपी शकील और उसके परिजनों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने किशोरी को तीन माह बाद बरामद कर लिया। किशोरी ने बयान में बताया कि शकील ने अगवाकर उसे अपने दोस्त धर्मेंद्र हाल निवासी शक्ति नगर बाईपास थाना विजयनगर गाजियाबाद को सौंप दिया था। धर्मेंद्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया और शादी का दबाव बनाया था।
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मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। वहीं, अब विशेष न्यायालय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम विजय पाल ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर किशोरी को अगवा करने वाले गैर संपद्राय के अभियुक्त शकील को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि, दुष्कर्म के अभियुक्त धर्मेंद्र को 10 वर्ष का कारावास और 37 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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