गुलावठी। थाना क्षेत्र के गांव बिसाइच में शनिवार को एक मकान का छज्जा व छत गिरने किसान की मौत हो गई। जबकि मृतक के पुत्र व पुत्री सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक महेश तोमर गांव में खेतीबाड़ी के अलावा दूध की मिनी डेयरी भी चलाते थे।
गांव बिसाइच निवासी महेश तोमर के दो मकान हैं। एक मकान में उनके पुत्र रहते हैं और दूसरे मकान में वह स्वयं रहते थे। मकान में उनका छोटा घेर भी बना हुआ है, घेर से दूध की मिनी डेयरी चलाते थे। बताया जा रहा है कि शनिवार की सुबह गांव में हल्की बारिश हो रही थी। गांव निवासी धर्मवीर तथा अर्पित दूध देने के लिए महेश तोमर की डेयरी पर गए थे। इसी दौरान अचानक दो कमरों का छज्जा गिर गया। छज्जा गिरने से महेश तोमर उसमें दब गए। जिसके बाद महेश के बेटे कुलदीप, संदीप व बेटी काजल के साथ दो अन्य ग्रामीण धर्मवीर व अर्पित उसे मलबे से निकालने में जुट गए।
इसी दौरान कमरों की छत भी गिर गई। जिसके चलते महेश को निकालने में लगे पांचों लोग भी मलबे में दब गए। मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीणों ने जब तक महेश को निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद लोगों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। महेश तोमर की छज्जा व छत गिरने से मौत के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। सूचना पर नायब तहसीलदार, पुलिस भी पहुंची। नायब तहसीलदार ने परिजनों को हर संभव आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम को महेश तोमर का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
छत गिरते ही दौड़ पड़े लोग
छज्जा गिरने के कुछ देर बाद ही मकान की छत गिर गई, जिसकी आवाज काफी तेज हुई। गांव के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और उन्होंने मलबे से घायलों को निकाला। लहूलुहान हालात में ग्रामीण उन्हें अस्पताल लेकर गए, जहां उनका उपचार चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल को देखकर ऐसा लग रहा था कि हालात काफी खराब होंगे, लेकिन भगवान की कृपा से सभी सकुशल निकल आए।
छत हो गई थी कमजोर
ग्रामीणों ने बताया कि महेश तोमर के घेर में ही दो कमरों का मकान बना हुआ है। उसकी छत गाटर पटियों की थी तथा कमरों के बाहरी हिस्से में छजली निकली हुई थी। कमरों की छत पक्की न होने के कारण कमजोर हो गई थी। छजली गिरने के बाद कमरों में लगा एक गाटर टूट गया तथा उसके बाद छत भी गिर गई। बताया जा रहा है कि मृतक के पास केवल दो बीघा जमीन है।
अधिकारियों को मौके पर भेजा गया था। दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार जो सही होगा, उसके अनुसार पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद दी जाएगी। - अभिषेक कुमार सिंह, एडीएम वित्त