पांचवीं तक के स्कूल खुले, 20 फीसदी बच्चे पहुंचे
बुलंदशहर। करीब 15 माह से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल भी बुधवार से खुल गए। निजी स्कूलों में जहां व्यवस्था चाक चौबंद रही वहीं सरकारी स्कूलों में गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। ज्यादातर स्कूलों में बच्चे बिना मास्क के पहुंचे। सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। स्कूलों में रिवीजन के साथ ही अध्ययन कार्य भी करवाया गया। इस दौरान बच्चों में काफी उत्साह दिखा। कुल 20 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंचे।
मामन चुंगी चौकी के पीछे महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय बाजार समेत अधिकतर स्कूलों में बच्चे बिना मास्क कक्षा में बैठे मिले। इन बच्चों को स्कूल की ओर से भी मास्क नहीं उपलब्ध करवाए गए। कक्षा में पहले दिन पहुंचे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। सरकारी स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए 50 फीसदी और निजी स्कूलों में 60 फीसदी अभिभावक सहमति पत्र दे चुके हैं। सेंट मोमिना स्कूल की प्रधानार्चा सविता सिंह ने बताया कि पांचवी कक्षा तक के बच्चों को पहल दिन स्कूल में रिविजन कराया गया। साथ ही पठन पाठन भी हुआ।
रसोई में भीगा एमडीएम का सामान
महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय बाजार में 300 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन इन दोनों स्कूलों में 120 बच्चे पहुंचे। इस स्कूल का भवन गत दो वर्ष पहले गिर गया था। इसके चलते अब सिर्फ दो ही कमरों में इन सभी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। स्कूल की रसोई जर्जर हो चुके भवन में चल रही है। बारिश होने के कारण रसोई की छत से पानी टपकने के कारण एमडीएम का सामान भीग गया। किसी तरह बच्चों के लिए खाना बनाया गया।
बोले सरकारी स्कूल के बच्चे
काफी समय से स्कूल बंद चल रहा था। घर पर मोबाइल न होने के कारण पढ़ाई नहीं हो रही थी। स्कूल में सैनिटाइजेशन तो करवाया लेकिन मास्क नहीं मिला। - अलीशा।
काफी समय बाद स्कूल में पढ़ाई का मौका मिलेगा। स्कूल आने के लिए पहले ही तैयारी कर ली थी। स्कूल में कोरोना से बचाव के लिए इंतजाम नहीं हैं। - मुस्तकीम।
स्कूल खुलने का काफी दिनों से इंतजार था। अब स्कूल खुलने पर पढ़ाई शुरू हो गई है। स्कूल में कोरोना से बचाव के लिए प्रबंध होने चाहिए। - इलमा।
घर पर रहकर पढ़ाई की चिंता बनी हुई थी। कक्षा में काफी दिनों बाद साथियों के साथ पढ़ने का मौका मिला है। अब अच्छी तरह पढ़ाई होगी। - अरशद।
कक्षा पांचवीं तक के स्कूल खुल गए हैं। पहले दिन बारिश के कारण बच्चों की संख्या करीब 20 फीसदी ही रही। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों से सहमति पत्र लिए जाने का काम जारी है। स्कूलों में बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को अवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी स्कूल में शासन के आदेशों का पालन नहीं होता है तो उसे नजरंदाज नहीं किया जाएगा। सभी स्कूलों में कोविड गाइड लाइन का पालन करना होगा। - अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।