फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

145 दिन बाद खुले स्कूल, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिला प्रवेश

विज्ञापन
सेंट मोमिना स्कूल में हाथ सैनिटाइज करके कक्षा में जाते छात्र-छात्राएं। - फोटो : BULANDSHAHR
विज्ञापन
145 दिन बाद खुले स्कूल, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिला प्रवेश
विज्ञापन

बुलंदशहर। करीब 145 दिन से कोरोना संक्रमण के चलते बंद चल रहे स्कूल सोमवार को खुल गए। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थित 60 से 70 फीसदी तक रही। सभी छात्र मास्क लगाकर स्कूल पहुंचे। सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गत मार्च से स्कूल बंद चल रहे थे। शासन ने आदेश जारी किया था कि 16 अगस्त से स्कूल खुलेंगे। सबसे पहले नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन होगा। इसके तहत सोमवार को जब स्कूलों में छात्र पहुंचे तो उनके चेहरे खिले थे। स्कूल के गेट पर सबसे पहले बच्चों को सैनिटाइज किया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद स्कूल में प्रवेश दिया गया। सभी छात्र मास्क लगाकर स्कूल पहुंचे थे। सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक कक्षा नौवीं और 10वीं की कक्षाओं का संचालन हुआ, जबकि अपराह्नन साढ़े 12 बजे से साढ़े चार बजे तक कक्षा 11वीं और 12वीं का संचालन हुआ। जिले में 406 माध्यमिक और 106 सीबीएसई के स्कूलों में पढ़ाई शुरू हुई है।
विज्ञापन

बोले स्कूल संचालक
शासनादेश और कोरोना संक्रमण से बचाव के गाइडलाइन के साथ स्कूल खोले गए। पढ़ाई के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही शिक्षकों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
- सविता सिंह, प्रधानाचार्या, सेंट मोमिना स्कूल।
स्कूल खोलने से पहले सैनेटाइज व साफ-सफाई के साथ पूरे प्रबंध किए गए। बच्चों के लिए स्कूल में सैनिटाइज और मास्क उपलब्ध करवाए गए हैं, ताकि संक्रमण से बचाया जा सके।
- नितेश कुमार, प्रधानाचार्य आजाद पब्लिक स्कूल।
स्कूल में छात्र-छात्राओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सप्ताह में पांच दिन तक चलने वाली पढ़ाई शुरू होने से पहले सभी कक्षों को सैनिटाइज किया जाएगा और अन्य उपाय भी किए जाएंगे।
- डॉ. रेखा सिसौदिया, प्रधानाचार्या, एनयूएस पब्लिक स्कूल।
लंबे समय के बाद सोमवार को स्कूल खुल गए। अब नियमित कक्षाओं का संचालन होगा। स्कूल में बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शासनादेश और कोविड गाइडलाइन का भी पालन होगा।
- प्रवेश मेहरा, प्रधानाचार्य, रैनेसा स्कूल।
बोले अभिभावक
कोरोना का संक्रमण कम हो गया, लेकिन डर अभी भी बरकरार है। घर पर बच्चों को पढ़ाई करवाना आम आदमी के बस की बात नहीं है। इसलिए स्कूल में पढ़ाई जरूरी है।
- नरेश कुमार।
स्कूल खुलने से अब बच्चों की पढ़ाई अच्छी होने की संभावना भी प्रबल हो गई है। बच्चों को स्कूल भेजना भी जरूरी है। यदि नहीं भेजेंगे तो पढ़ाई प्रभावित होगी।
- सविता सैन।
कोरोना के चलते स्कूल अभी तक बंद थे और स्कूल खुल गए हैं तो पढ़ाई को लेकर मन में चल रही दुविधा भी कुछ कम हो गई है। स्कूल में जिस तरह पहले दिन व्यवस्था की गई। उसी तरह की व्यवस्था आगे भी रहे।
- सविता चौधरी
कोरोना के चलते बंद चल रहे स्कूलों से बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। अब स्कूल खुलने पर पढ़ाई शुरू होने पर बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। मैंने अपने बच्चों को स्कूल की व्यवस्था देखकर ही भेजा है।
- कविता रानी।
बोले छात्र-छात्राएं
लंबे समय के बाद स्कूल खुलने पर खुशी है। काफी दिनों बाद सहपाठी मिले हैं। स्कूल खुलने पर अब ऑनलाइन पढ़ाई से निजात मिलेगी और कक्षा में पढ़ने का मौका मिलेगा। अब किसी तरह की चिंता भी नहीं रहेगी।
- सानिया परवीन।
कोरोना के चलते स्कूल बंद चल रहा था। कक्षाएं न चलने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही थी। कई बार सवाल का सहीं जवाब नहीं मिल पाता था। लेकिन अब स्कूल खुलने पर ऐसी समस्या नहीं होगी।
- रिया चौधरी।
जो पढ़ाई स्कूल आने से होती है। वह ऑनलाइन से पूरी नहीं हो सकती। अब स्कूल खुल गए हैं तो पढ़ाई का पूरा लाभ मिलेगा। सभी को कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बचाव की अभी भी जरूरत है।
- मोहम्मद दानिश।
कोराना के चलते स्कूल बंद होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान नेट की समस्या रहती है। अब स्कूल खुलने पर अब सीधे कक्षा में पढ़ाई का मौका मिलेगा। साथ ही शिक्षकाें से सवालों के उत्तर भी सीधे मिलेंगे। इससे पढ़ाई और बेहतर होगी।
विज्ञापन

- विकास शर्मा।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार जनपद में स्कूल खुल गए हैं। सभी स्कूलों को शासन का आदेश और कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। सभी स्कूलों में दो पालियों में पढ़ाई चलेगी। किसी की भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- शिव कुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें