हवा थमने से बढ़ा प्रदूषण, घुटने लगा दम
बुलंदशहर। हवा थमने से जिले में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई 326 रहा। पीएम 10 और पीएम 2.5 बढ़ने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। रोकथाम के इंतजाम का हाल यह है कि न पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही निर्माण कार्यों पर रोक लग रही है। पराली और कूड़ा जलाने का सिलसिला भी जारी है।
हर बार दिवाली से पहले प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाए जाते हैं। एनजीटी के निर्देश पर इस बार जिले में दिवाली पर आतिशबाजी की बिक्री की अनुमति भी नहीं दी गई। इसके बाद भी जिले में अवैध रूप से करोड़ों रुपये की आतिशबाजी बेची गई और इसका परिणाम यह हुआ कि त्योहार के अगले दिन ही जिला प्रदूषण के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। त्योहार बीते एक सप्ताह होने के बाद भी एक्यूआई के स्तर में सुधार की संभावना नहीं दिख रही है। अधिकारियों द्वारा पेड़ों पर पानी के छिड़काव, एंटी स्मॉग गन मंगाने का दावा तो किया जा रहा है लेकिन अभी तक धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिखा है। लगातार एक्यूआई का आंकड़ा तीन सौ के पार चल रहा है। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण जिले में सांस और दमा के रोगियों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।
प्रदूषण मापक मशीन के आसपास किया जा रहा छिड़काव
जिले में नगर के यमुनापुरम और खुर्जा में ही प्रदूषण मापक मशीन लगी हुई हैं। अधिकारियों द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि जहां पर मशीन लगी हुई है वहां पर प्रदूषण की स्थिति को सामान्य रखा जाए। ऐसे में प्रदूषण मशीन के आसपास के पेड़ों पर पानी के छिड़काव के साथ ही सड़कों पर छिड़काव, धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
पिछले छह दिन का एक्यूआई
तारीख एक्यूआई
23 अक्तूबर 310
25 अक्तूबर 331
27 अक्तूबर 329
28 अक्तूबर 317
29 अक्तूबर 317
31 अक्तूबर 304
जिले में एक्यूआई का स्तर खतरनाक बना हुआ है। लोगों से आग्रह है कि मास्क का प्रयोग करें और सांस रोगी घर से बाहर निकलने में परहेज करें। प्रदूषण को नियंत्रण के लिए जहांगीराबाद समेत अन्य क्षेत्रों में छिड़काव कराया जा रहा है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विवेक मिश्रा, एडीएम वित्त
हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हवा की गति तेज होने या बारिश होने पर इसमें सुधार देखने को मिल सकता है। अन्य विभागों से वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार के लिए बचाव के उपाय अपनाने के लिए कहा गया है। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी