दिवाली से पहले फिर बढ़ा एक्यूआई, देश में चौथे नंबर पर जिला
बुलंदशहर। दिवाली से पहले ही जिले का एक्यूआई बढ़ने लगा है। बुधवार को जनपद का एक्यूआई देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे नंबर पर दर्ज किया गया। हालांकि, इस बार आतिशबाजी की बिक्री पर प्रतिबंध है। फिर भी तेजी से एक्यूआई बढ़ रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में सांस की समस्या से पीड़ित मरीजों ने उपचार कराया।
बुधवार को जिले का एक्यूआई 334 मापा गया। जो देश के सबसे प्रदूषित 142 शहरों में चौथे नंबर पर रहा। वायु प्रदूषण बढ़ने पर लोगों को परेशानियां होने लगी हैं। पर्यावरणविद राजेंद्र पथिक ने बताया कि पूर्व में कम आवाज और रंग-बिरंगी फुलझड़ी छोड़ी जाती थी लेकिन धीरे-धीरे तेज आवाज, धुआं और अधिक ऊंचाई तक जाने वाली आतिशबाजी छोड़ी जाने लगी है। जो लगातार प्रदूषण का कारण बनती जा रही है। लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए आतिशबाजी से परहेज करने की जरूरत है। बताया कि पर्यावरण पहले से ही बिगड़ रहा है।
हो सकता है फेफड़ों का कैंसर
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि आतिशबाजी में मौजूद केमिकल से निकलने वाले धुंए के कारण बच्चों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा होता है। साथ ही तेज आवाज वाली आतिशबाजी से कानों पर भी असर पड़ सकता है। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मानसी सचदेव ने बताया कि आतिशबाजी से निकलने वाली हानिकारक कार्बन मोनोऑक्साइड गैस सांस के माध्यम से गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंच सकती है।
पिछले पांच दिन का एक्यूआई
दिन एक्यूआई
30 अक्तूबर 259
31 अक्तूबर 279
01 नवंबर 331
02 नवंबर 297
03 नवंबर 334
जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस लेने में परेशानी समेत वायु प्रदूषण से बढ़ रही परेशानियों को लेकर मरीज आने लगे हैं। बुधवार को 20 से अधिक मरीजों ने सांस लेने में परेशानी होने पर परामर्श लिया। जिन्हें दवा दे दी गई। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
मौसम के चलते वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ है। बारिश होने से एक्यूआई के स्तर में गिरावट आ जाएगी। - सपना, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी