संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। शहर से निकलने वाले कूड़े को निस्तारित करने के लिए बनाए गए दो एमआरएफ सेंटर चालू कर दिए गए हैं। जबकि दो सेंटर पर अभी तक बिजली के कनेक्शन भी नहीं हो सके हैं। ऐसे में शहर से निकलने वाला कूड़ा निस्तारित होने के बजाए डंपिंग ग्राउंड पर यूं ही डाला जा रहा है।
शहर से प्रतिदिन करीब 90 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े को नगर पालिका के वाहनों से डंपिंग ग्राउंड ले जाकर डंप कर दिया जाता है। कूड़े में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक होने के कारण न केवल यह जमीन की उर्वरा शक्ति को खराब कर रहा है, बल्कि खाने के साथ पशुओं के पेट में जाने पर उनकी मौत का कारण भी बन रहा है। ऐसे में शासन ने करीब दो साल पहले नगर पालिका क्षेत्र में छह स्थानों पर एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाने के लिए 2.39 करोड़ रुपये जारी किए थे।
अब नगर पालिका अधिकारियों ने पुरानी गोशाला और चांदपुर एफसीआइ गोदाम के पास स्थित एमआरएफ सेंटर का संचालन शुरू कर दिया है। जबकि एक सेंटर के लिए चिह्नित जमीन पर अवैध कब्जा होने से निर्माण शुरू नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि इन दोनों सेंटर पर आस-पास की कॉलोनियों से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करते हुए नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा। वहीं, शहर में बनाए गए दो अन्य एमआरएफ सेंटर के लिए अभी तक बिजली कनेक्शन भी जारी नहीं किया जा सका है। जबकि सेंटर का निर्माण पूरा हुए छह माह से अधिक समय बीत चुका है।
ईओ नगर पालिका डॉ.अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि दो एमआएफ सेंटर का संचालन शुरू कर दिया गया है। जबकि दो अन्य सेंटरों पर बिजली कनेक्शन नहीं हैं। इनके बिजली कनेक्शन कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बिजली कनेक्शन जारी करा दिया जाएगा।