बुलंदशहर। अब लोगों को नाक, कान और गले का ऑपरेशन कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और न ही दूर-दराज जाना होगा। जल्द ही जिला अस्पताल के आईसीयू में मरीजों को सुविधा मिलने लगेगी। जिला अस्पताल में ईएनटी ओटी (ऑपरेशन थियेटर) को खोलने के लिए मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने निर्देश दिए हैं। सब कुछ ठीक रहा तो नवंबर माह में ईएनटी ओटी और आईसीयू खुलने की संभावना है।
जिला अस्पताल में पांच साल पूर्व से ईएनटी सर्जन तैनात हैं। सर्जन की ड्यूटी ओपीडी, इमरजेंसी और वीआईपी में लगने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा होने के बाद भी ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था और वह मजबूरन निजी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा रहे थे। इससे मरीजों को समय के साथ-साथ धन भी खर्च करना पड़ रहा था। अप्रैल माह से जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में विलय होने से इसमें संसाधन बढ़ाने के लिए प्राचार्य लगातार जुटी हुई है। पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने ईएनटी की ओटी संचालित करने को लेकर निर्देश भी दिए।
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जिला अस्पताल में अभी तक तीन तरह की ओटी है संचालित
जिला अस्पताल में अभी तक नेत्र विभाग, आर्थोपेडिक विभाग और जनरल सर्जन की ओटी संचालित हो रही है। इसमें नेत्र विभाग की ओटी के लिए अलग भवन बना हुआ है तो आर्थोपेडिक विभाग और जनरल सर्जन की एक ही कक्ष में ओटी संचालित होती है। जबकि ईएनटी सर्जन तैनात है, लेकिन अस्पताल में अभी तक ईएनटी की ओटी नहीं बनी है। ऐसे में मरीजों को ऑपरेशन कराने के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है।
ईसीजी की भी होगी शुरुआत
जिला अस्पताल में मोर्चरी के सामने आईसीयू वार्ड बना हुआ है। छह माह पूर्व तक यहां पर ईसीजी की व्यवस्था थी। लेकिन टेक्नीशियन का दूसरे जनपद स्थानांतरण होने के बाद यह सुविधा भी बंद हो गई। इसके बाद से यहां पर ईसीजी की मशीन धूल फांक रही है। ऐसे में मरीजों को अब निजी केंद्रों पर जाकर ईसीजी करानी पड़ रही है। आईसीयू खुलने पर हृदय रोगियों को ईसीजी की भी सुविधा मिलने लगेगी।
सीएमएस डॉ.राजीव प्रसाद ने बताया कि जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते मौजूदा चिकित्सकों से हर संभव मरीजों को सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। ईएनटी सर्जन का एक पद रिक्त होने से ओटी का संचालन नहीं हो पा रहा था। ईएनटी की ओटी को लेकर तैयारियां चल रही हैं। कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ.मनीषा जिंदल ने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में जल्द नाक, कान व गले के मरीजों के ऑपरेशन को लेकर निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों ईएनटी सर्जन ने एक-दो ऑपरेशन भी किए हैं। अन्य व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं।