काबुल से गंगागढ़ पहुंचे मुकेश, ढोल नगाड़ों से स्वागत
खुर्जा/पहासू। अफगानिस्तान के काबुल में फंसे मुकेश रविवार को अपने घर पहासू क्षेत्र के गांव गंगागढ़ पहुंच गए, जहां पर परिजन और ग्रामीणों ने उनका ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। मुकेश के आने से पूरे गांव में खुशी की लहर है।
भारत सरकार की मदद से अफगानिस्तान से एयरलिफ्ट कर लाए गए भारतीयों में मुकेश भी शामिल थे। मुकेश ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनके मोबाइल पर एयरपोर्ट पहुंचने के लिए मेसेज आया था, जिसके बाद वह काबुल के कुछ अफसरों की मदद से शुक्रवार सुबह करीब दस बजे एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद भारत सरकार द्वारा भेजे गए सैन्य हवाई जहाज में अन्य भारतीयों के साथ शनिवार सुबह करीब दस बजे हिंडन एयरबेस पहुंचे। शाम पांच बजे गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों व परिजनों ने पुष्प वर्षा कर व फूल मालाएं पहना कर मुकेश का स्वागत किया। इस दौरान जमकर ढोल नगाड़े बजाए गए। साथ ही मुकेश के सकुशल वापस लौटने पर ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया।
कंपनी मालिक ने नहीं दिए 1.10 लाख रुपये
मुकेश ने बताया कि बीते दिनों जब उसकी भारत सरकार से वतन वापस बुलाने की मांग की वीडियो वायरल हुई थी तो उससे कंपनी मालिक काफी क्षुब्ध हो गया था। इसी के चलते मालिक ने उसके करीब 1.10 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया। हालांकि, वहां उसे व उसके साथियों को समय से खाना पीना दिया जाता था।
मन में था डर, जिंदा वापस लौटूंगा या नहीं
मुकेश का कहना है कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बावजूद भारतीय सुरक्षित हैं। तालिबान लड़ाके भारतीयों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। लेकिन, अधिकतर समय वहां हो रही बमबारी व फायरिंग की आवाज से डर का माहौल रहता था। कभी कभी लगता था कि वह जिंदा अपने वतन वापस जा भी पाएगा या नहीं। लेकिन, भारत सरकार ने उसे सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचा दिया।