बुलंदशहर/खुर्जा/सिकंदराबाद। माह-ए-रमजान के दूसरे शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान खुदा की बंदगी में रोजेदारों ने हजारों हाथ खड़े किए। रोजेदारों ने देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। नगर से लेकर कस्बे और देहात तक की मस्जिदों में नमाज अदा की गई। नमाज में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हुए।
नगर के ऊपर कोट स्थित जामा मस्जिद में शहर काजी जैनुल अबीदीन ने जुमा अलविदा की नमाज पढ़ाई। उन्होंने ने बताया कि ईद की नमाज पढ़ने से पहले फितराह अदा जरूरी है। फितराह की अदायगी हर उस मुस्लिम शख्स के लिए जरूरी है, जो दुनिया में सांस लेता है। इसी तरह नगर की मस्जिद फिरदौस, अस्पताल रोड मस्जिद, डीएम रोड मस्जिद, कसाईबाड़ा, ऊपरकोट, इस्लामाबाद, रेलवे रोड, बीसा कालोनी, भूड़, भूड़ चौराहा आदि क्षेत्र में अमन-चैन के साथ जुमे की नमाज पढ़ी गई। नमाज-ए-जुमा के बाद रोजेदारों ने गरीबों की आर्थिक रुप से मदद की और बाद में बाजार में खरीददारी के लिए निकल पड़े। खुर्जा में भी शुक्रवार को तहसील क्षेत्र की 27 से अधिक प्रमुख मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज अदा हुई। वहीं, सिकंदराबाद में जुमा की नमाज पढ़कर रोजेदारों ने मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। शाही जामा मस्जिद सहित शहर की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। रोजेदारों को बताया गया कि कि जबतक अमीर लोग गरीबों के अपनी खुशी में शामिल नहीं करेंगे तब तक उन्हें भी ईद की खुशी मनाने का हक नहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर रोजा रखने वालों में उत्साह है। वह सुबह सहरी के बाद नियम से रोजा रख रहे हैं। पूरा दिन कुछ खाए-पीये रहकर बीता रहे हैं। शाम को नियत समय पर इफ्तार के साथ अपना रोजा रख रहे हैं। रोजा रखने वालों में बच्चे भी पीछे नहीं हैं।