बुलंदशहर। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने पहली बार कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब ऐसे मरीजों को इलाज के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ेगा। बीते तीन दिन में हड्डी रोग विशेषज्ञ ने दो मरीजों का सफल प्रत्यारोपण किया है। ऑपरेशन करवा चुके मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें जल्द छुट्टी दे दी जाएगी। उधर, स्वास्थ्य अधिकारियों ने चिकित्सक को बधाई दी है।
जिला अस्पताल में अभी तक मरीजों का फैक्चर होने पर ऑपरेशन की सुविधा मिल रही थी। कूल्हें में परेशानी होने पर मरीजों को हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया जाता था। एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास कूल्हे की परेशानी से जूझ रहे बनवारीपुर निवासी रामचंद्र और अहमदानगर निवासी अजीत के परिजन मिले। एक्सरे व अन्य जांच हुई तो एक के कूल्हे में फैक्चर तो दूसरे के कूल्हे खराब मिले। रामचंद्र को दोनों कूल्हों में परेशानी थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राज बहादुर ने बताया कि रामचंद्र के किसी वजह से ब्लड सप्लाई कूल्हे तक न जाने के कारण दोनों खराब हो गए थे और अजीत का कुछ माह पूर्व हादसे के दौरान कूल्हे में फैक्चर हो गया था। तभी से दोनों बिस्तर पर लेटे रहते थे। दोनों के जांच में कूल्हा पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिलने पर कूल्हा बदलने के लिए ऑपरेशन की जरूरत बताई। दोनों के परिजन ऑपरेशन कराने को तैयार हो गए।
तीन दिन में हुए दोनों के प्रत्यारोपण
अस्पताल प्रशासन के अनुसार 48 वर्षीय रामचंद्र का मंगलवार को एक कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया। दूसरे खराब कूल्हे का छह माह बाद प्रत्यारोपण किया जाएगा। 25 वर्षीय अजीत का बृहस्पतिवार को प्रत्यारोपण किया गया। दोनों मरीज बिल्कुल ठीक हैं। हफ्ते भर में वह चलने भी लगेंगे। दोनों के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राज बहादुर व डॉ. गौरव, निश्चेतक डॉ. परवेंद्र सिंह व डॉ. रवि प्रकाश और स्टाफ में मिथलेश, वीरपाल व ओमपाल आदि शामिल रहे। अब जिला अस्पताल में भविष्य में भी इस तरह के जटिल ऑपरेशन हो सकेंगे।
जटिल और खर्चीला है कूल्हा प्रत्यारोपण
अस्पताल प्रशासन के अनुसार कूल्हा प्रत्यारोपण काफी जटिल और काफी खर्चीला ऑपरेशन है। इसके लिए डेढ़ लाख रुपये से अधिक का खर्च आता है। जिला अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता था। मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिला अस्पताल में ही कूल्हा प्रत्यारोपण करने के लिए संसाधन जुटाए गए हैं। मरीजों ने करीब 70 से 80 हजार रुपये का सामान मंगाया। जिला अस्पताल में ही उपचार मिलने से बाहर जाने, रहने और महंगे इलाज का खर्चा नहीं होगा।
जिला अस्पताल में दो मरीजों के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण हुआ है। दोनों मरीज स्वस्थ हैं। दोनों का टोटल हिप रिप्लेसमेंट किया गया है। इनके प्रत्यारोपण सफल होने से अब भविष्य में इस तरह के ऑपरेशन होते रहेंगे। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल