हरियाली तीज पर सजे बाजार, हरे रंग की चूड़ियों और साड़ियों की बढ़ी मांग
बुलंदशहर। भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की उपासना का त्योहार हरियाली तीज बुधवार को मनाया जाएगा। मंगलवार को बाजारों में काफी चहल पहल रही। महिलाओं ने बाजारों में मेहंदी लगवाया, हरे रंग की चूड़ी और साड़ियों के साथ शृंगार के सामान खरीदे। मान्यता है कि हरियाली तीज का व्रत करने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
व्रत से मिलता है सौभाग्य
सुबह स्नान करने के बाद महिलाएं पूजा की तैयारी करती हैं। संध्याकाल में पूजा की जाती है। पंडित राज शर्मा ने बताया कि हरियाली तीज भगवान शिव और मां पार्वती की उपासना का दिन है। सुहागिनों को इस दिन मां पार्वती को सुहाग का सामान पूजा में चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव को पूजा में बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं, इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस दिन झूला झूलना भी शुभ होता है।
तीज के साथ शुरू हो जाते हैं त्योहार
सावन माह में तीज का खास महत्व होता है। तीज के बाद त्योहार शुरू होते हैं। साथ ही सावन लगते ही महिलाएं तीज की तैयारियों में जुट जाती हैं। घर में पकवान बनने से लेकर सिंधारा देने की तैयारी होती है। दुल्हन के लिए यह त्योहार खास होता है।
दस दिन पहले से झूला झूलना हो जाता था शुरू
नगर के आनंद विहार निवासी प्रतिभा शर्मा और मेडिसिन मार्केट निवासी लाज शर्मा ने बताया कि पहले सखी सहेलियाें में ठिठोली इतनी होती थी कि दुल्हनें लजा जाती थीं। वहीं, दस दिन पहले से ही महिलाएं झूला झूलना शुरू कर देती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। अब नए दौर की महिलाएं और युवतियां तीज तो मनाती हैं मगर उसमें मेहंदी लगाना, गीत गाना और नए दौर का नृत्य शामिल रहता है। पुराने लोकगीत तो अब भी याद आते हैं। पेड़ों पर झूले कम ही दिखते हैं। घरों में भी अब कम ही झूले दिखते हैं। बताया कि कोई भी एक साथ बैठने को अब तैयार नहीं है। क्योंकि मोबाइल ने त्योहार फीका कर दिया है।
बोली महिलाएं
ग्रुप में मनातीं है त्योहार
महिलाएं सज कर ग्रुप में तीज मनाती हैं। मेहंदी रचाकर हरे रंग की चूड़िया, हरी साड़ी या सूट पहनकर मिलजुल कर कार्यक्रम में शामिल होती हैं।
- प्रिया अग्रवाल
पति को मिलती है लंबी उम्र
पति की लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि की कामना के लिए कालोनी की सभी महिलाएं सज-संवर कर तीज मनाती हैं।
- उर्वशी शर्मा
झूला झूलकर गीत संगीत से मनाया जाता है त्योहार
तीज पर झूला झूलते हैं। साथ ही सखी-सहेलियों संग मिलकर तीज मनाते हैं। गीत-संगीत के अलावा अन्य कार्यक्रम का आयोजन भी करते हैं। - राखी सिंह
सुबह बनता है पकवान
सुबह पकवान बनाकर घर के सभी सदस्यों संग भगवान लड्डू गोपाल को भोग का प्रसाद चढ़ाकर उन्हें झूला झुलाती हैं। साथ ही कालोनी की महिलाओं संग तीज मिलजुल कर मनाते हैं।
- प्राची सिंघल