बुलंदशहर। डिबाई कोतवाली क्षेत्र में जनवरी 2019 में विवाहिता की दहेज की खातिर हत्या के मामले में अब न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवानंद के न्यायालय ने पति, जेठ व जेठानी को दोषी करार दिया है। साथ ही उन्हें आठ-आठ वर्ष का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
अभियोजक ध्रुव कुमार वर्मा व भूपेन्द्र राजपूत ने बताया कि डिबाई थाना क्षेत्र के गांव नयाबास कुतुबपुर निवासी सुरेशचंद सिंह ने अपनी बेटी पूजा देवी का विवाह चार फरवरी 2018 को नरौरा थाना क्षेत्र के गांव चौढेरा निवासी मुनीश कुमार के साथ किया था। ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दहेज में तीन लाख रुपये की मांग करते रहे। इसी मांग को लेकर पूजा का उत्पीड़न किया जाने लगा।
15 जनवरी 2019 को सुरेशचंद को सूचना मिली की उनकी बेटी पूजा की पति मुनीश कुमार, सास चन्द्रवती, जेठ ललित व मुकेश, जेठानी सुधा ने मिलकर हत्या कर दी है। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर दहेज हत्या का मुकदमा पति मुनीश कुमार, जेठ मुकेश कुमार व जेठानी सुधा के खिलाफ दर्ज किया। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद एक अप्रैल 2019 को अदालत में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय शिवानंद ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी पति मुनीश, जेठ मुकेश व जेठानी सुधा आठ-आठ वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।