अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला हजरतपुर में जमीनी रंजिश के चलते हुई रोहन सिंह की हत्या के मामले में कोर्ट ने शातिर अपराधी मुकेश हजरतपुरिया के पिता समेत छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि मुकेश समेत दो लोगों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश/गैंगस्टर एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सुनील कुमार सिंह के न्यायालय ने सुनाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शारिक, नवनीत शर्मा व वादी के अधिवक्ता रेशमपाल सिंह ने बताया कि गांव नगला हजरतपुर निवासी सरजीत सिंह उर्फ सुभाष पुत्र स्व. रोहन सिंह ने 9 अप्रैल 2012 को थाना अहमदगढ़ में एफआईआर दर्ज कराई थी।
उसने पुलिस को बताया था कि गांव के यशपाल सिंह पुत्र कुंदन सिंह ने अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण करीब 21 बीघा जमीन पूर्व में उसे बेच दी थी। वर्तमान में यशपाल सिंह का पुत्र मुकेश हजरतपुरिया दुर्दांत बदमाश है।
मुकेश ने उस पर जमीन वापस करने के लिए दबाव बनाया। दबाव ने मानने पर जान से मारने की धमकी दी थी। 9 अप्रैल 2012 को वादी के पिता रोहन सिंह खेत पर अपना इंजन ठीक कराने के लिए जा रहे थे।
रोहन का भतीजा नरेश उनके पीछे जा रहा था। रोहन सिंह के पास राजेश, नितिन जाटव व सुशील उर्फ मोनू आए और रोहन सिंह से जमीन वापस करने के लिए कहा।
रोहन सिंह के मना करने पर इन लोगों ने गोली मारकर रोहन सिंह की हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर यशपाल, सुनील उर्फ मोनू, सुशील उर्फ सोनू, ओमपाल उर्फ बॉबी, राजेश पुत्र रतन सिंह, नितिन जाटव, मुकेश और विकास के खिलाफ चार्जशीट पेश की।
न्यायाधीश ने मुकेश के पिता यशपाल, सुनील, सुशील, ओमपाल, राजेश और नितिन जाटव को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।