नकली दवाई गिरोह का सरगना निकला एलआईयू इंस्पेक्टर का बेटा
औरंगाबाद : जनपद अमरोहा के कस्बा हसनपुर में नकली दवाईयां बेचने वाले गैंग में एलआईयू के इंस्पेक्टर का बेटा ही गिरोह का सरगना निकला। वह बड़े गिरोह से इन नकली दवाईयों को खरीदकर अमरोहा के गिरोह को सप्लाई करता था। इसी मामले में हसनपुर पुलिस ने बुधवार को औरंगाबाद के मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की है। बता दें कि मंगलवार शाम वर्दीधारी पुलिसकर्मियों पर औरंगाबाद पेट्रोल पंप के पास से आरोपी को अगवा करने की सूचना मिली थी।
गत मंगलवार को जनपद अमरोहा के कस्बा हसनपुर में औषधी विभाग और हसनपुर पुलिस ने दो घरों में छापामार कार्रवाई कर साढ़े तीन करोड़ रूपये की नकली दवाईयां पकड़ी थी। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। हसनपुर कोतवाल देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि पकड़े गये तीन लोगों से सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि बुलंदशहर के मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी एलआईयू इंस्पेक्टर रामबीर शर्मा का पुत्र नीरज शर्मा गिरोह का सरगना है। नीरज शर्मा ही अमरोहा, गाजियाबाद और बुलंदशहर जिले में नकली दवाओं की सप्लाई करता था। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस करके उसे मंगलवार शाम बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर हाईवे स्थित पेट्रोल पंप के पास पकड़ा था। पुलिस ने उसकी सेंट्रो कार से एक पेटी दवाईयों को भी बरामद करने का दावा किया है। मामले में बुधवार को अमरोहा पुलिस फिर से औरंगाबाद में छापेमारी के लिये पहुंची। यहां एक मेडिकल स्टोर पर उन्होंने छापा मारा। छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक मौके से फरार हो गया। इस मेडिकल स्टोर के अलावा नगर के अन्य मेडिकल स्टोरों पर भी नकली दवाईयां होना बताया गया है। पुलिस फरार संचालक की तलाश में जुटी हुई है। एसओ औरंगाबाद अनिल कुमार ने बताया कि हसनपुर पुलिस नकली दवाई बेचने के आरोप में उसे अगवा करके ले गई थी।
विदेशी कंपनी के रैपर में मिलीं नकली दवाएं
औरंगाबाद : अमरोहा के कस्बा हसनपुर में दो घरों में छापामार अभियान के दौरान बरामद की गई दवाइयां देश की नामी कंपनियों और अमेरिकी कंपनी के रैपर में पैक मिली थी। औषधि निरीक्षक मुरादाबाद नरेश मोहन दीपक ने बताया कि जिस अमेरिकी दवाई का रैपर मिला है, उस कंपनी की दवाई देश में सप्लाई नहीं होती हैं। इसके अलावा देश की पांच नामी कंपनियों के नाम से भी दवा पकड़ी गई है। इन सभी दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग हिमाचल प्रदेश के तिरमोर शक्ति दर्शायी गई है। औषधि निरीक्षक के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में यह जगह कहीं भी नहीं है।