57 दिन बाद खुली कचहरी, पहले दिन आईं 53 जमानत अर्जी
बुलंदशहर। 57 दिन बाद बुधवार को जनपद के न्यायालय खुल गए। पहले दिन जिला न्यायाधीश की कोर्ट में 53 जमानत अर्जी वर्चुअल दाखिल हुईं। सुनवाई से पहले सुबह सभी कोर्ट में सैनिटाइजेशन कराया गया। थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद लोगों को न्यायालय परिसर में प्रवेश दिया गया। कोविड नियमों का पालन करते हुए लोग नजर आए।
सामाजिक दूरी का ध्यान रख लगाई गईं कुर्सियां
हाईकोर्ट से जारी निर्देशों का पालन करते हुए बुधवार को सभी न्यायालय खुले। परिसर खोलने से पहले पूरे कोर्ट परिसर की सफाई की गई। सभी कोर्ट रूम व परिसर को सैनिटाइज किया गया। कोर्ट रूम व कार्यालयों में अधिवक्ताओं के लिए उचित दूरी के साथ केवल चार कुर्सियों की व्यवस्था की गई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। पहले दिन कोर्ट में अन्य दिनों की अपेक्षा लोग कम दिखाई दिए। हालांकि, इस दौरान कुछ अधिवक्ताओं के चैंबर पर वादकारी अपनी समस्याओं से संबंधित बातें करते हुए दिखाई दिए।
कोर्ट परिसर में रह कड़ा पहरा
पहले दिन कोर्ट खुलने के बाद सुबह से ही न्यायालय परिसर के मुख्य गेट से लेकर अंदर तक सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद नजर आई। मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी लोगों से कोविड-19 के नियमों का पालन करने की हिदायत देते दिखाई दिए।
जूनियर अधिवक्ता, रेहड़ी वाले और फोटो स्टेट, स्टांप विक्रेताओं में खुशी
बीते 27 अप्रैल से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते न्यायालय बंद कर दिए गए थे। कुछ विशेष न्यायालयों को ही खोला जा रहा था। जिसके चलते खास तौर पर जूनियर अधिवक्ताओं, रेहड़ी वालों, स्टांप विक्रेताओं व अन्य लोगों को काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा था। न्यायालय खुलने पर जूनियर अधिवक्ता, रेहडी वाले, फोटोस्टेट करने वाले व स्टांप विक्रेताओं में खुशी नजर आई।
अब आर्थिक दिक्कत होगी दूर
न्यायालय करीब 2 माह तक बंद रहने से काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा था। खास तौर पर आर्थिक समस्या से उबर पाना मुश्किल नजर आ रहा था। लेकिन, अब न्यायालय खुल जाने से जल्द ही इन समस्याओं से भी निजात मिल जाएगी ।
अवधेश मुद्गल, अधिवक्ता
कोर्ट खुलने से खुशी है
न्यायालय खुलने पर न्यायिक कार्य शुरू हो गए हैं, जिससे काफी खुश हैं। कोर्ट के बंद रहने पर घर पर खाली रहने से निजात मिली है। फिर से न्यायिक कार्य में लगने पर संतुष्टि मिल रही है।
प्रवीण राजा, अधिवक्ता
कोविड नियमों का करें पालन
अदालत खोलने का निर्णय स्वागत योग्य है। न्यायालय में पुन: कार्य सुचारू रूप से जल्द शुरू होने की आशा है। साथ ही अपील करता हूं कि भविष्य में सभी लोग कोविड-19 के नियमों का पालन करें।
कोमल भाटी, अधिवक्ता
समस्या का होगा समाधान
न्यायालय खुलने से न्यायिक कार्यों को सुचारु रूप से चलने पर कोरोना काल में हुई बेरोजगारी के संकट से उबरने का समय आ गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी कर्मचारी इस समस्या से उबर जाएंगे।
कपिल शर्मा, अधिवक्ता
अब संकट होगा दूर
दो महीने घर पर रहकर कर्जा लेकर अपने परिवार का पालन किया। पिछले 1 साल से दो बार यह समस्या आ चुकी है। न्यायालय परिसर में छोले भटूरे की रेहड़ी लगाकर जीवन यापन करते हैं। उम्मीद है, जल्द ही जीवन पटरी पर लौट आएगा। - सुरेश कुमार
कर्जा लेकर चला पड़ा घर
न्यायिक कार्य बंद रहने से व अधिकतर कोर्ट बंद रहने के कारण कैंटीन भी इस दौरान बंद रही। वादकरियों की उपस्थिति नगण्य रही। आर्थिक समस्याओं से लगातार जूझना पड़ा है। कर्जा लेकर घरेलू खर्च चला रहे हैं। - राजेश चौधरी, कैंटीन, कचहरी परिसर
न्यायालय बंद रहने के कारण कचहरी में रेहड़ी ना लगने पर 2 माह तक काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बीते कई दिनों तक कर्जा लेकर जीवन यापन करना पड़ा है।
- दीपू, रेहड़ी संचालक
घट गई आमदनी
लॉकडाउन में काम कुल 20 फीसदी ही रह गया। फोटोस्टेट व कंप्यूटर टाइपिंग बहुत कम हो रहे हैं। आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हालांकि अब जल्दी इस सब से निजात मिलने की उम्मीद है।
- रविंद्र कुमार, संचालक फोटो स्टेट एंड कंप्यूटर
स्टांप और टिकट बिकने हो गए थे बंद
न्यायालय बंद रहने पर स्टांप व टिकट बिकने बंद रहे। इस कारण कोई नहीं आया, आज आया हूं काम ठप पड़ा है। अब उम्मीद है कि स्थिति धीरे-धीरे पहले जैसी हो जाएगी।
- अशोक कुमार वर्मा, स्टांप विक्रेता
न्यायालय बंद रहने पर स्टांप व टिकट की बिक्री आधी रही। प्रतिदिन न्यायालय आया। लेकिन आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। - मोहन लाल शर्मा, स्टांप विक्रेता
न्यायालय बंद रहने पर स्टांप टिकट आदि की बिक्री 40 फीसदी तक रही। आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। परिवार का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो गया। उम्मीद है कि जल्दी स्थिति सामान्य हो जाएंगी। - शिवकुमार, स्टांप विक्रेता